Home News Point बाल संसद  के द्वारा इस अवसर पर आम बजट पर वित्त मंत्री से शिक्षा और कौशल विकास के लिए विद्यार्थियों की अपेक्षाएं विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया

बाल संसद  के द्वारा इस अवसर पर आम बजट पर वित्त मंत्री से शिक्षा और कौशल विकास के लिए विद्यार्थियों की अपेक्षाएं विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया

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एचपीएस सीनियर सेकन्डेरी स्कूल, शेरगढ़ की सांस्कृतक एवं सामाजिक गतिविधियों के संस्था नटखट ने आज लाला लाजपत राये की जयंती को हर्षोल्लास के साथ मनाया।  साथ ही  बाल संसद  के द्वारा इस अवसर पर आम बजट पर वित्त मंत्री से शिक्षा और कौशल विकास के लिए विद्यार्थियों की अपेक्षाएं विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया तथा अपने सुझाव लिखित में वित्त मंत्री को ईमेल से प्रेषित किए।


इस अवसर पर विद्यालय निदेशक एवं प्रिंसिपल आचार्य रमेश सचदेवा ने आम बजट के विषय में जानकारी दी तथा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र को भी केंद्रीय बजट 2023-2024 से काफी उम्मीदें हैं।  शिक्षा जगत में भी कोविड- 19 के दौरान स्कूल बंद होने से सभी शैक्षणिक स्तर प्रभावित हुए हैं। छात्रों की एक बड़ी आबादी को कोरोना के प्रभाव में स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और बहुत से स्कूल भी बंद हो गए हैं अथवा बंद होने की कगार पर खड़े हैं।   इससे शिक्षा में पहले ही बड़ा नुकसान हो चुका है।  शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की मानें, तो कोरोना महामारी की वजह शिक्षा की गुणवत्ता में कई स्तरों पर संतुलन बिगड़ गया है।
नटखट संस्था की संचलिका दसवीं कक्षा की चेष्ठा ने कहा कि जैसे-जैसे आम बजट की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे बजट को लेकर लोगों की उम्मीदें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं।  नौकरीपेशा से लेकर किसानों तक, आम आदमी से लेकर बिजनेसमैन तक को उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी पूर्ण बजट होने के कारण सरकार से इस बार जरूर कुछ बडे ऐलान करने की उम्मीद की जा रही है।  ऐसे में हम एचपीएस  सीनियर सेकन्डेरी स्कूल, शेरगढ़ के विद्यार्थी समूचे देश के विद्यार्थियों की ओर से 1 फरवरी को पेश होने वाले आगामी बजट 2023-24 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ढेरों उम्मीदें लगे बैठे हैं जिनमें सबस प्रमुख माँग है कि दसवीं कक्षा तक की शिक्षा देश के हर बच्चे को नि:शुल्क मिले चाहे वह किसी भी स्कूल में पढे और सरकार को इसका खर्च शिक्षा उपकर से करना चाहिए। दसवीं कक्षा कि रिंकल कम्बोज ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की बसों के बीमे में विशेष राहत दे क्योंकि ये बसें केवल आधा दिन ही चलती हैं बल्कि प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत ही बसों का बीमा होना चाहिए। दसवीं कि कोमल ने कहा कि सरकार सीबीएसई की निर्देश दे कि 12 वीं कक्षा तक किसी भी विद्यार्थी का कोई परीक्षा शुल्क न लगे करण ने कहा कि शैक्षिक सेवाओं पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) को 10 साल की अवधि के लिए हटा दिया जाना चाहिए।  नोवी की रीतिका राठोड़ ने कहा कि सरकार को स्कूलों को मान्यता देने से पूर्व उस क्षेत्र की माँग पूर्ति का भी ध्यान रखना चाहिए और कितने ने स्कूल खोले जाने हैं इसकी सीमा निर्धारित होनी चाहिए। आठवीं के तेजस सिंगला ने कहा कि सरकार को एक देश एक पाठ्यक्रम लागू करना चाहिए इससे शिक्षा खर्च में भी कटोती होगी ।  आठवीं के अक्षमीत मोटन ने कहा कि सेना कि तरह सभी स्कूलों की ड्रैस भी एक कर देनी चाहिए। विज्ञान कि प्रयोगशाला के सामान को कर मुक्त किया जाए। नोवी कि परिनाज ने कहा कि शिक्षा में प्रोद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र को बढ़ावा दे। साथ ही स्कूल कि बिजली दरें डोमेस्टिक दरों पर ली जानी चाहिए ताकि शिक्षा का खर्च कम हो


आठवीं के पीयूष ने कहा कि पूर्व-प्राथमिक शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भौतिक बुनियादी ढांचे और प्रशिक्षित मानव संसाधनों की जरूरत है।  दसवीं के हर्षित ने कहा कि वह पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और मुख्यधारा की शिक्षा में इसके एकीकरण की दिशा में एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान करे।
इस अवसर पर विज्ञान शिक्षिका ज्योति, इतिहास से लेक्चरर नवदीप सिंह, गणित के वकील सिंह, हिन्दी की मोनिका गर्ग, शारीरिक शिक्षक अजय वधावन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

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