Home News Point वरच्युस क्लब द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार शाम को वरच्युस भवन में शिक्षक दिवस मनाया गया। सेवानिवृत संस्कृति अध्यापक शाम लाल शास्त्री को वरच्युस अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

वरच्युस क्लब द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार शाम को वरच्युस भवन में शिक्षक दिवस मनाया गया। सेवानिवृत संस्कृति अध्यापक शाम लाल शास्त्री को वरच्युस अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

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वरच्युस क्लब द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार शाम को वरच्युस भवन में शिक्षक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आगाज डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं क्लब के मुख्य सलाहकार शिक्षाविद स्व. आत्मा राम अरोड़ा जी को याद करते हुए किया गया। क्लब के कोऑर्डिनेटर सोनू बजाज ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों व अन्य लोगों का स्वागत करते हुए डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला।


इस अवसर पर विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए सेवानिवृत संस्कृति अध्यापक शाम लाल शास्त्री को वरच्युस अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। संबोधन में शाम लाल शास्त्री ने कहा कि शिक्षक होना गर्व का विषय है। एक शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद भी समाज में वह अपनी सेवाएं जारी रख सकता है। शिक्षा, पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ भी आमजन को जागरूक करने में भूमिका निभा सकता है। शिक्षक ही है जो अपने सभी विद्यार्थियों को उच्च पद पर देखने को उत्सुक रहता है। इस अवसर पर संबोधन के दौरान हिंदी प्रवक्ता शन्नो आर्य ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षक की भूमिका पहले से भी अधिक अहम हो गई है। इंटरनेट व मोबाइल क्रांति के युग में बच्चे व युवा अपने पथ से भटक रहे हैं व उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है। यह कार्य एक शिक्षक ही भली भांति कर सकता है और अपने विद्यार्थियों को सही व गलत का भेद समझा कर उन्हें सही मार्ग पर अग्रसर कर सकता है। वर्तमान दौर में एक शिष्य और कलम समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन पीआरओ नरेश शर्मा ने अपने शायराना अंदाज में व मोटिवेशनल विचारों से बखूबी निभाया। इस दौरान नरेश शर्मा व माही ग्रोवर ने कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों के बीच मनोरंजक व ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताएं भी करवाई।

क्लब प्रधान मनोज कुमार शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वरच्युस क्लब का नामकरण डबवाली के महान शिक्षाविद स्व. आत्मा राम अरोड़ा ने किया है जोकि क्लब सदस्यों के लिए गर्व का विषय है। इसके अलावा क्लब में बहुत से सदस्य शिक्षक हैं जोकि अपने कार्य के साथ-साथ क्लब के प्रकल्पों में भी अहम भूमिका निभाते हैं। प्रबंधक समिति की और से वरच्युस क्लब के शिक्षक सदस्यों प्रवीण कुमार, कुलदीप सिंह, रमेश सेठी, लवलीन नागपाल, रिपुदमन शर्मा, माही ग्रोवर, सुषमा मिढ़ा, चंदन अरोड़ा, ऊषा रानी, वनीता रानी, नवदीप कौर, डा. निर्मल नागपाल, डा. शन्नो आर्य, डा. बीर चंद गुप्ता, सोनू बजाज, स्वर्ण लता व नरेश शर्मा को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। प्रकल्प प्रमुख रमेश सेठी ने बताया कि विद्यार्थियों को अपने कार्यक्रम बच्चा लोग के माध्यम से नैतिक शिक्षा देने के कार्य में जुटे रंगकर्मी संजीव शाद को भी इस मौके पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर क्लब के वरिष्ठ उपप्रधान जितेंद्र सेठी जीतू, हरदेव गोरखी, परमजीत कोचर, संतोष शर्मा, तरसेम गर्ग, वेद कालड़ा, रितु आर्टिस्ट, अमित खरब, पूजा खरब, कामिनी शर्मा , मंजू व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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