विद्यालय शिक्षा निदेशका सुजाता सचदेवा ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण की शपथ दिलाई और पौधों के महत्व के बारे में बताया किस प्रकार पेड़ो और वनो को बचने के लिए जागरूकता फैलाई जा सकती है और क्यों जरूरी है|

वन हमारे लिए काफी ज़रूरी हैं क्योंकि वन हमारी प्रकृति और मनुष्य जीवन में सतुलन बनाये रखने में काफी अहम हैं| किसी ने सही ही कहा है की वन ही जीवन है| यह बहुत से जानवरो के लिए घर भी है इसलिए हमें वनो को बचाना चाहिए है जिससे प्रकृति में संतुलन बना रहे| ये शब्द स्थानीय रोटरी क्लब के प्रधान जयमुनी गोयल ने एचपीएस सिनीयर सेकन्डेरी स्कूल में वन महोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहे|
हमारी आज की आवश्यकताएँ ही कुछ ऐसी है कि वन-वृक्षों की कटाई के बिना काम नहीं चल सकता। साथ-साथ हमारा यह कर्त्तव्य बनता है कि एक कटे पेड़ के स्थान पर दो पेड़ लगाए जाएँ, उनकी उचित देखभाल भी की जाए। अधिकांश रोपित पौधे जल के अभाव में सूख जाते हैं अथवा उन्हें पशु चर जाते हैं । ऐसे में पेड़ लगाने का लाभ भी समाप्त हो जाता है । इस पूरे घटनाक्रम को समझते हुए हमें वृक्षों के संरक्षण एव संवर्धन का दायित्व निभाना होगा । यदि हम अपना भविष्य सँवारना चाहते हैं और यदि भविष्य में भी आनंद-उत्सव मनाने की कामना करते हैं तो आज से ही वृक्षारोपण की प्रक्रिया आरंभ करनी होगी ।
उन्होंने बताया कि एचपीएस में जल्दी ही एक लघु जंगल के साथ एक बोटेनिकल गार्डन भी रोटरी क्लब द्वारा विकसित किया जाएगा| पौधों से प्यार करके ही हम तंनाव मुक्त व स्वस्थ जीवन जी सकते हैं| ऑरतमान में बढ़ती गर्मी का मुख्य कारण भी पेड़ों के अंधाधुंध कटाई ही है| आज बादल आते हैं और चले जाते हैं|
साथ ही उन्होंने रोटरी क्लब के उद्देश्यों कि भी जानकारी दी और एचपीएस में इनटरैक्ट क्लब की भी आधार शीला रखी जिसका आने वाले समय में जल्दी ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा|नोवी कक्षा की कोमल, रीतिका, पुषकर सिंह व गौरव ने प्रकृति से प्रेम कि कविताओं का बहुत सुंदर पाठ किया|इस अवसर पर क्लब के सदस्य मनप्रीत के सहयोग से 100 फलदार व छायादार पौधे व 15 फल वाले पौधे रोपित की गए| विद्यार्थियों में पौधों के बारे में जानने की जिज्ञासा देखते ही बनती थी|विद्यालय शिक्षा निदेशका सुजाता सचदेवा ने विद्यार्थियों को पौधों के संरक्षण की शपथ दिलाई और पौधों के महत्व के बारे में बताया किस प्रकार पेड़ो और वनो को बचने के लिए जागरूकता फैलाई जा सकती है और क्यों जरूरी है|कला शिक्षिका रजनी गर्ग के मार्गदर्शन में विद्यालय के 87 विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित चित्राकारी कर सबका मनमोह लिया| सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र वितरित की गए|इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक एवं प्राचार्य आचार्य रमेश सचदेवा ने कहा कि यह महोत्सव हमें प्रकृति से जोड़ता है । यह हमें याद दिलाता है कि हे मानव, वनों के बिना तेरा कल्याण नहीं है । वन समस्त प्राणी जगत् के उत्तम साथी हैं । वृक्षों का समूह जो कि वन कहलाता है हमारे जीवन के आधार हैं । वृक्षों के बदौलत ही हमारी धरती हरी-भरी है । वन, उपवन, बाग-बगीचे पृथ्वी पर जीवन और सौंदर्य के साकार रूप हैं ।
इस अवसर पर ग्रीष्मावकाश गृह कार्य में प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार क्रमश: चतुर्थ कक्षा के वीरेन, नौवीं कक्षा की पल्लवी, नौवीं कक्षा के हेमंत भण्डारी, आठवीं के तेजस्वी सिंगला व सहजदीप को पुरस्कृत किया गया|


Ramesh Kumar
July 20, 2022 at 5:11 pm
So nice ji. May your support turn the history of HPS into present again.