Home Podcast Audio Point जो ‘विश्वास’ रिश्तो में सबसे ज्यादा जरूरी, आज वही बन गया है कमजोर कड़ी

जो ‘विश्वास’ रिश्तो में सबसे ज्यादा जरूरी, आज वही बन गया है कमजोर कड़ी

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टूटे रिश्ते, बिखरता विश्वास

आज के दौर में, हम एक ऐसे चौराहे पर खड़े हैं जहाँ रिश्ते कच्चे धागों से बंधे लगते हैं, और विश्वास की नींव लगातार दरक रही है।
क्या हमने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों हो रहा है?
शायद इसलिए कि भागदौड़ भरी इस ज़िंदगी में, हम अपनों को समय देना भूल गए हैं। शायद इसलिए कि सोशल मीडिया के इस शोर में, हम एक-दूसरे की आवाज़ सुनना भूल गए हैं। और शायद इसलिए कि छोटी-छोटी बातों पर नाराज़गी और गलतफहमी इतनी बढ़ जाती है कि रिश्ते टूटने की कगार पर आ जाते हैं।
विश्वास, जो किसी भी रिश्ते की जान होता है, आज सबसे कमज़ोर कड़ी बन गया है। एक बार टूटा हुआ विश्वास, कांच की तरह होता है जिसे जोड़ना बेहद मुश्किल होता है। शक और असुरक्षा की भावनाएं इतनी हावी हो जाती हैं कि हम अपने सबसे करीबियों पर भी यकीन नहीं कर पाते।
ज़रूरत है इस बारे में सोचने की। ज़रूरत है एक-दूसरे को समझने की, सुनने की और माफ करने की। क्योंकि जब रिश्ते टूटते हैं, तो सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि कई यादें, कई सपने भी टूट जाते हैं।
आइए, इस बदलती दुनिया में, अपने रिश्तों को बचाने की कोशिश करें। आइए, फिर से विश्वास की डोर को मज़बूत करें, और अपने करीबियों के साथ सच्चे मन से जुड़ें। क्योंकि अंत में, यही रिश्ते हैं जो हमें जीवन की मुश्किलों में सहारा देते हैं।

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