दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से 18 नवंबर से लेकर 22 नवंबर तक श्री वैष्णों माता मंदिर में पाँच दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है ।

जिसके तृतीय दिवस का शुभारंभ दीपक सोनी(महा लक्ष्मी ज्वैलर्स),उनकी धर्मपत्नी पूजा सोनी और पुत्र तेजस, एडवोकेट जगत भूषण मिड्डा, उनकी धर्मपत्नी सुषमा मिड्डा और पुत्र एडवोकेट जतिन मिड्डा ने पूजन के द्वारा किया । उसके उपरांत आशुतोष महाराज जी की शिष्या एवं मानस मर्मज्ञा साध्वी त्रिपदा भारती जी ने सीता स्वयंवर प्रसंग में बताया कि किस प्रकार प्रभु श्री राम जी अपनी दिव्य लीलाओं को करते हुए गुरूकुल से अपनी शिक्षा का अध्ययन करते हुए अयोध्या में पुन: लौटते हैं। तत्पश्चात् विश्वामित्र जी राजा दशरथ के पास प्रभु श्री राम व लक्ष्मण को मांगते हैं और श्री राम अपने कार्य की पृष्ठ भूमि तैयार करते हुए मार्ग में ताड़का का वध करते हैं व आगे बढ़ते हुए गौतम ऋषि की पत्नी अहल्या का उद्धार करते हैं एवं यज्ञ की रक्षा के उपरान्त गुरु विश्वामित्र जी के साथ जनकपुरी में प्रवेश करते हैं। और भगवान शिव के धनुष को भंग कर जानकी जी से विवाह करते है। विवाह उत्सव में माताएं गोदान करती है। साध्वी जी ने कहा कि गाय हमारी संस्कृति का आधार और समाज का मेरुदंड है जिसे सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा गाय की रक्षा ही भारत की रक्षा है गाय की रक्षा ही संस्कृति की रक्षा है इसलिये उठो अपनी संस्कृति और संस्कारों को जान समझ अपनी गाय माता को सुरक्षित करो जो हमारी कृषि तंत्र का आधार है जो पर्यावरण की दात्री है जो समाज का आधार हो उसे संरक्षित करो उठो भारत वासियों चलो संस्कृति की ओर बढो गाय की ओर।कथा का समापन प्रभु के पूजन में सम्मिलित यजमान परिवार, श्री सौरभ गर्ग उनकी पत्नी सीमा गर्ग और माताजी विनोद गर्ग, बलवंत राय गर्ग और उनकी धर्मपत्नी मीना गर्ग,डॉ कुलविंदर कौर(रिटायर्ड डिप्टी सिविल सर्जन),डॉ रमेश और उनकी धर्मपत्नी,डॉ दीपक पाहुजा,एडवोकेट गुरदित्त कुमार दुरेजा(वाईस प्रेसिडेंट भारत विकास परिषद),श्री पुनीत धमीजा(धमीजा शाम वाटिका) और उनकी पत्नी अनीता धमीजा,प्रीति बंसल ,विमल बंसल,श्री अमित गुप्ता(गणेश ट्यूबवेल स्टोर),पंडित केशव शास्त्री(मुख्य पुजारी वैष्णो माता मंदिर),श्री सुरिंदर कुमार(प्रेसिडेंट नैना देवी ट्रस्ट),श्री सुदर्शन जिंदल,डॉक्टर सुमन द्वारा प्रभु की पावन आरती के द्वारा किया गया ।


