Home News Point लायंस क्लब सुप्रीम द्वारा कृषि, फसल अवशेष प्रबंधन एवं ट्रैफिक जागरूकता पर सेमिनार का आयोजन

लायंस क्लब सुप्रीम द्वारा कृषि, फसल अवशेष प्रबंधन एवं ट्रैफिक जागरूकता पर सेमिनार का आयोजन

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कृषि में एआई का उपयोग रासायनिक केंद्रित नहीं बल्कि जैविक-केंद्रित होना चाहिए: आशीष मैहता

डबवाली

समाज सेवा एवं जन जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही संस्था लायंस क्लब सुप्रीम द्वारा मेहता फार्म, सुखेराखेड़ा में गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज, फसल अवशेष प्रबंधन तथा ट्रैफिक जागरूकता विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, विद्यार्थियों और नागरिकों को वैज्ञानिक खेती, पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर ट्रैफिक पुलिस एसएचओ बिजेंद्र गिल तथा विशिष्ट अतिथि जसपाल सिंह (पुलिस विभाग) रहे। उन्होंने ट्रैफिक नियमों के पालन, सड़क अनुशासन, हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग तथा सुरक्षित समाज के निर्माण पर जोर दिया।

इस अवसर पर संबोधन में रीजनल गवर्नर डॉ. अश्वनी सचदेवा ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम होते हैं और कृषि व सड़क सुरक्षा जैसे विषयों को एक मंच पर लाना सराहनीय पहल है। वहीं, क्लब अध्यक्ष आशीष मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि सदियों से प्रकृति के संतुलित चक्र पर आधारित रही है, जिसमें मिट्टी, पौधे, पशु और सूक्ष्मजीव मिलकर एक जीवंत प्रणाली बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कृषि में एआई का उपयोग रासायनिक केंद्रित नहीं बल्कि जैविक-केंद्रित होना चाहिए ताकि मिट्टी की प्राकृतिक शक्ति और पारिस्थितिक संतुलन सुरक्षित रह सके। क्लब सचिव समर्थ चावला ने कहा कि किसानों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर जागरूक करना ही सुरक्षित समाज और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव है।

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि आरोही मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कालूआना के विद्यार्थियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और विशेषज्ञों से खेती, पर्यावरण व तकनीक से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनके उन्हें सरल और वैज्ञानिक उत्तर देकर जिज्ञासा को शांत किया। विशेषज्ञों ने किसानों को पराली जलाने के दुष्परिणाम, जैविक अवशेष पुनर्चक्रण, कम्पोस्ट निर्माण, जल संरक्षण तकनीक, मिट्टी की संरचना सुधार और आधुनिक कृषि उपकरणों के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अंत में सभी उपस्थितजनों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे पर्यावरण-अनुकूल खेती अपनाएंगे, फसल अवशेष नहीं जलाएंगे तथा ट्रैफिक नियमों का पालन कर समाज में जागरूकता फैलाएंगे।

इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य डॉ. लोकेश्वर वधवा, चरणजीत मेहता, दीनानाथ मेहता, अजय मेहता, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार बिश्नोई, गुरलाल सिंह, गुरमेल कंबोज तथा मोहन लाल गोदारा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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