Home News Point कृषि, उद्योग और युवा पलायन पर गहन चर्चा — Guru Nanak College, Killianwali में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजि

कृषि, उद्योग और युवा पलायन पर गहन चर्चा — Guru Nanak College, Killianwali में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजि

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गुरु नानक कॉलेज, किलियांवाली के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा कॉलेज आई.क्यू.ए.सी. के सहयोग से प्रबंधन समिति अध्यक्ष मेजर (रिटा.) भूपेंद्र सिंह ढिल्लों की सरपरस्ती तथा प्राचार्य एवं सेमिनार डायरेक्टर डॉ. सुरेन्द्र सिंह ठाकुर के कुशल नेतृत्व में कॉलेज सेमिनार हॉल में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल, Panjab University, चंडीगढ़ द्वारा प्रायोजित थी। विषय था — “संतुलित विकास एवं स्थिरता : पंजाब की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव”।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Maharaja Ranjit Singh Punjab Technical University के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. संजीव कुमार शर्मा थे। कुंजी वक्ता के रूप में नीति आयोग के सलाहकार डॉ. जसपाल सिंह उपस्थित रहे। रिसोर्स पर्सन के तौर पर डॉ. नरेश सिंगला (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब), डॉ. बलदेव सिंह शेरगिल (पंजाबी यूनिवर्सिटी कैंपस, तलवंडी साबो) तथा डॉ. पूजा सिक्का (पंजाब यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर, लुधियाना) ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्राचार्य डॉ. ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उनके योगदान से अवगत कराया। संगोष्ठी संयोजक असि. प्रो. मनप्रीत कौर एवं डॉ. मानिक जिंदल ने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने 1956 में मालवा क्षेत्र में इस शिक्षण संस्थान की स्थापना में स्व. प्रकाश सिंह बादल एवं अन्य महान हस्तियों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि संतुलित विकास छोटे-छोटे सकारात्मक कदमों से संभव है। उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु मनोवृत्ति परिवर्तन पर बल दिया। डॉ. जसपाल सिंह ने पंजाब के आर्थिक आंकड़ों के माध्यम से शिक्षा, नवाचार और तकनीक को वर्तमान समस्याओं का समाधान बताया। डॉ. नरेश सिंगला ने कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास एवं गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त की। डॉ. शेरगिल ने आधारभूत संरचना की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. पूजा सिक्का ने हरित क्रांति के बाद की आर्थिक स्थिति, बढ़ती लागत, ऋणग्रस्तता और युवा पलायन को प्रमुख मुद्दा बताया।

विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार का यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया गया। कुल 147 प्रतिभागियों ने ऑफलाइन एवं ऑनलाइन सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज सचिव श्री नीरज जिंदल ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मंच संचालन आई.क्यू.ए.सी. कोऑर्डिनेटर असि. प्रो. गैलेक्सी गुप्ता ने प्रभावी ढंग से किया। यह संगोष्ठी पंजाब की आर्थिक चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक संवाद का मंच सिद्ध हुई।

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