कलाकृतियों का लगा मेला, हुनर को मिली उड़ान; मंच पर गूंजा भांगड़े का जोश, हरियाणवी नृत्य की रही धूम; सरहद पर डटे जवानों को किया सलाम, तो नाटकों के जरिए समाज को दिया सार्थक संदेश

मंडी डबवाली। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की त्रिवेणी पर बसे शहर डबवाली में बच्चों के सपनों, प्रतिभा और रचनात्मक सोच को मंच देने वाला ‘द इवनिंग क्लासेज’ का सावन उत्सव यादगार बन गया। श्री अग्रवाल धर्मशाला में आयोजित इस चैरिटी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में जरूरतमंद परिवारों से जुड़े बच्चों ने गीत, नृत्य, अभिनय, लघु नाटकों और हस्तनिर्मित कलाकृतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों का विकास केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें अपनी सोच व्यक्त करने, कुछ नया करने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने के अवसर मिलने से होता है।

कबीर नगर और आसपास के जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए चल रही ‘द इवनिंग क्लासेज’ का उद्देश्य शिक्षा के साथ बच्चों के बौद्धिक, रचनात्मक और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना है। सावन उत्सव में यह सोच पूरी तरह दिखाई दी। मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चों में से कई ऐसे परिवारों से आते हैं, जहां रोजमर्रा की जिंदगी आर्थिक संघर्ष से जुड़ी हुई है। किसी के पिता मजदूरी करते हैं, कोई ऑटो चलाता है तो किसी के परिवार की आय छोटे-मोटे काम पर निर्भर है। कई बच्चे ऐसे भी हैं जिनके सिर से पिता का साया उठ चुका है और वे दादा-दादी या नाना-नानी के सहारे जीवन आगे बढ़ा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक नन्ही बच्ची ने मंच पर अपना परिचय देते हुए बताया कि उसके पिता मजदूरी करते हैं, मां गृहिणी हैं और वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती है। अंग्रेजी बोलते समय उसके शब्दों में भले ही कुछ कमियां थीं, लेकिन उसका आत्मविश्वास और बड़े सपने वहां मौजूद हर व्यक्ति को प्रभावित कर गए। यह छोटा-सा परिचय इस बात की मिसाल बना कि बच्चों की परिस्थितियां चाहे जैसी हों, उनके सपनों की उड़ान को सीमित नहीं किया जा सकता।
किताबों ने बताया मुश्किलों से निकलने का रास्ता
कार्यक्रम में वंदना वाणी ने किताबों की महत्ता पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने बच्चों को पढ़ने और पुस्तकों से जुड़ने का प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि किताबें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की मुश्किल घड़ी में सही दिशा दिखाने वाली साथी भी हैं।
उन्होंने संदेश दिया कि जब जीवन में मुश्किल आती है तो वह किताबें खोल लेती हैं, क्योंकि किताबों के पन्नों में उन्हें नई सोच, प्रेरणा और समाधान की राह मिलती है। उनकी प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम में शिक्षा और पठन संस्कृति के महत्व को एक अलग भाव दिया।
एसपी जसलीन कौर ने बच्चों का बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मंडी डबवाली जिला पुलिस की पुलिस अधीक्षक श्रीमती जसलीन कौर, आईपीएस ने बच्चों की प्रस्तुतियां देखीं और उनकी प्रतिभा एवं परिस्थितियों को करीब से समझा। बच्चों की मेहनत और उनके लिए किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित होकर उन्होंने भावुकता व्यक्त की और कहा कि उन्हें इस संस्था तथा इन बच्चों के बारे में पहले जानकारी क्यों नहीं मिली।
उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की तथा भविष्य में भी इन बच्चों से मिलने और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग का भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चों और आयोजकों का उत्साह बढ़ा।
कलाकृतियों का लगा मेला
कार्यक्रम स्थल पर बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियों, सजावटी वस्तुओं और विभिन्न हस्तनिर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इन कलाकृतियों में बच्चों की कल्पना, मेहनत और रचनात्मक सोच साफ नजर आई।

प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल बच्चों की कला को प्रदर्शित करना नहीं था, बल्कि उन्हें अपनी मेहनत के बदले सम्मानजनक कमाई का पहला अनुभव देना भी था। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने बच्चों की बनाई वस्तुओं को पसंद किया और खरीदारी करके उनका उत्साह बढ़ाया।
मंच पर उतरा कला का इंद्रधनुष
सावन उत्सव का सांस्कृतिक मंच बच्चों की विविध प्रतिभाओं से सजा रहा। बच्चों ने गणेश वंदना, स्वागत गीत, भांगड़ा, गिद्धा, हरियाणवी नृत्य, देशभक्ति गीत, भारत माता की प्रस्तुति और कई लघु नाटकों सहित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
भांगड़े की थाप पर बच्चों का जोश देखते ही बनता था, वहीं हरियाणवी नृत्य ने कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग भर दिए। देशभक्ति प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने सरहद पर देश की रक्षा में डटे जवानों को नमन किया। लघु नाटकों के माध्यम से सामाजिक विषयों पर संदेश देकर बच्चों ने यह भी दिखाया कि वे अपने आसपास की परिस्थितियों को समझते और उन पर सोचते हैं।
कार्यक्रम का मंच संचालन सुप्रसिद्ध मंच संचालक संजीव शाद ने किया। अपनी प्रभावशाली और ऊर्जावान आवाज, सहज संवाद शैली तथा आकर्षक मंच संचालन से उन्होंने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और दर्शकों को भी कार्यक्रम से जोड़े रखा।
शिक्षा के साथ व्यक्तित्व निर्माण की पहल
‘द इवनिंग क्लासेज’ जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने के साथ उनके बौद्धिक विकास, रचनात्मक सोच, व्यक्तित्व निर्माण और आत्मविश्वास पर भी काम कर रही है। इस पहल को आगे बढ़ाने में प्रतिमा मुरेजा, अभिषेक बिश्नोई और सुखजिंदर हैप्पी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
आयोजकों का प्रयास है कि ऐसे बच्चों को भी बेहतर अवसर मिलें, जो आर्थिक कारणों से कई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। शिक्षा के साथ कला, संस्कृति, मंचीय गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों को जोड़कर बच्चों को जीवन के लिए तैयार करने की दिशा में यह प्रयास किया जा रहा है।
समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़ाया बच्चों का हौसला
इस मिशन को शहर के विभिन्न वर्गों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम में जेजेपी नेता सरबजीत मसीतां, पूर्व विधायक डॉ. सीता राम परिहार, पूर्व विधायक अमित सिहाग की धर्मपत्नी मैडम शुभ्रा सिहाग, जिला भाजपा अध्यक्ष रेनू शर्मा, मार्केट कमेटी चेयरमैन सतीश जगा, समाजसेवी राकेश शर्मा, पम्मी वधवा, रवि बिश्नोई, इंदु मुरेजा, सुमित अनेजा, के.के. वर्मा, सुरिंदर मित्तल, डॉ. मनमीत गुलाटी, डॉ. विवेक करीर, डॉ. अमन शर्मा, डॉ. महेश बांसल, डॉ. अजिंदर गिल, नीरज जिंदल, राहुल धमीजा, राजेश जैन काला, गुरदीप कामरा दरदी, सुमन कामरा, सूर्य खुशी उर्फ डॉ. खुशनसीब कौर, अजय सेठी, सुमित मिड्ढा, निश्चिंत झांब, खुशी मोहम्मद, लवली शर्मा, रोहित गर्ग, भूषण वधवा, मैडम रीपुदमन शर्मा, मीरा जगा, पत्रकार रवि मोंगा, अशोक सेठी, जतिन मिड्ढा और सुदेश आर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बठिंडा से इंडियन ऑयल के चीफ सिद्धांशु अरोड़ा, मैनेजर नीरज मोदी, डॉ. संचिता नायक तथा मैडम आरती भी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे और बच्चों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों और कलाकृतियों की खूब सराहना की। अनेक दर्शकों ने बच्चों द्वारा तैयार की गई वस्तुएं खरीदकर उनका मनोबल बढ़ाया। इस तरह सावन उत्सव बच्चों के लिए केवल मंचीय प्रस्तुति नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, कला और हुनर का मूल्य समझने का अवसर भी बना।
नन्हे कदमों में बड़े बदलाव की ताकत
सावन उत्सव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि बच्चों को केवल दर्शक नहीं बनाया गया, बल्कि उन्हें कार्यक्रम का सक्रिय हिस्सा और अपनी प्रतिभा का प्रस्तुतकर्ता बनाया गया। उन्होंने मंच संभाला, गीत गाए, नृत्य किया, अभिनय किया, देशभक्ति का संदेश दिया और अपनी बनाई कलाकृतियों को लोगों के सामने रखा।ऐसे अवसर बच्चों में संवाद, नेतृत्व, टीमवर्क, रचनात्मकता और आत्मविश्वास जैसे गुणों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही छोटे-छोटे अनुभव आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और भविष्य की मजबूत नींव बनते हैं।
‘द इवनिंग क्लासेज’ का सावन उत्सव इस संदेश के साथ यादगार बन गया कि प्रतिभा किसी आर्थिक परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। बच्चों को अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास मिले तो वे न केवल अपने सपनों को पहचानते हैं, बल्कि उन्हें पूरा करने की दिशा में पहला कदम भी खुद उठाना सीख जाते हैं।

BY
Sanjiv Shaad
Social Media Influencer | Motivational Speaker | Anchor | Interviewer | Podcast Host
Founder & Creative Head — To The Point Shaad
The Mission — Positive Waves
🌐 www.tothepointshaad.c

