#युद्ध जब कभी बचपन मे चोट लगती थी तो माँ की फुक बड़ा आराम देती थी और वो कहती थी देख चींटी का आटा बिखर गया और हमारा ध्यान दूसरी तरफ चल जाता और फिर हम अपनी चोट को भूल जाते और खेलने लगते ये घर का उपचार था प्रेम महोबत थी माँ की दुया व दवा थी मुशिकल दौर …
युद्ध

