“हामिद का चिमटा..”
“हामिद का चिमटा” अगर मुंशीं प्रेम चन्द की कहानी का किरदार नन्हा सा हामिद, भूखा प्यासा रहकर, और अपनी खुशियों को त्याग कर, अपनी दादी की परेशानी दूर करने के लिए अपना एक मात्र रुपया त्याग सकता है तो सोचिये आखिर क्यों आज हम अपनी आने वाली पीढ़ी को हामिद जैसी त्याग और स्नेह की कहानियों से दूर कर बच्चों …










