Home News Point प्रलेस एवं पंजाबी लेखक सभा, सिरसा की संयुक्त बैठक में हुई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा

प्रलेस एवं पंजाबी लेखक सभा, सिरसा की संयुक्त बैठक में हुई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा

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‘भारत गंगा-यमुनी तहज़ीब का मुल्क है लेकिन हम अपने देश की विविध संस्कृतियों, रीति-रिवाज से करीब-करीब अनभिज्ञ बने रहते हैं। हम उन्हें समझने-समझाने का प्रयास भी नहीं करते। पिछले दिनों प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा गुरूनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में ‘जलियांवाला बाग अतीत एवं वर्तमान’ विषय पर सांझी शहादत को समर्पित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार आयोजित किया गया। इस आयोजन में देशभर के 300 लेखकों, बुद्धिजीवियों, विचारकों ने दो दिन तक देश की सांझी विरासत पर गम्भीर चिंतन मनन किया।

इस सेमीनार में सिरसा ज़िला के साथियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इन साथियों के अनुभव सुनने के लिए सिरसा में प्रलेस एवं पंजाबी लेखक सभा, सिरसा की संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रगतिशील लेखक संघ, हरियाणा के महासचिव डा. हरविंदर सिंह तथा सिरसा ज़िला इकाई के महासचिव सुरजीत सिरड़ी ने अपने अनुभव सांझा किए।
बैठक के दूसरे चरण में हीरा सिंह, महिंदर सिंह नागी, अनीश कुमार, अमरजीत सिंह, हरजीत सिंह, डा. मंगा राम, मुख्तयार सिंह चट्ठा, सुरजीत सिरड़ी, रमेश शास्त्री आदि कवियों ने कविता पाठ किया। सिरसा के मरहूम कवि हरभजन सिंह रेणु के जन्म-दिवस के उपलक्ष्य में परमानंद शास्त्री ने उनकी कविता ‘बुद्ध फिर मुस्कुराया है’ का पाठ किया। बैठक में डा. शेरचन्द, डा. लखबीर सिंह, करनैल सिंह, सुरजीत रेणु, नवनीत सिंह रेणु, डा. माँगा राम, कुमारी आस्था ने विचार विमर्श में सक्रिय सहयोग किया।

बैठक में देश की साँझा संस्कृति को जानने, समझने के प्रयासों पर चल रही बातचीत के दौरान विमल मसोन ने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि ईद पर्व की पूर्व संध्या पर उन्होंने अपने साथियों के बीच मुंशी प्रेम चंद की कहानी ‘ईदगाह’ का पाठ किया। फिर बच्चों के साथ ईदगाह गए। ईदगाह से लौटते हुए बच्चों ने बाजार से चिमटा भी खरीदा। उन्होंने कहा कि अपने देश की विविधतापूर्ण संस्कृति को समझकर ही हम देश की सांझी विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों संगठनों की साँझा मासिक बैठक का आयोजन हर महीने के पहले रविवार को किया जाया करेगा जिसमें ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के साथ साथ उपस्थित रचनाकर्मियों द्वारा अपनी रचनाओं की प्रस्तुति भी की जाएगी।

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