हिंदी दिवस पर हुई भाषण प्रतियोगिता
प्रियंका, कशिश, नीतू रहीं प्रथम, द्वितीय, तृतीय
सिरसा: 15 सितंबर:
वर्तमान परिवेश में देश की संपर्क भाषा के तौर पर हिंदी भाषा की अति-अनिवार्यता है। हिंदी भाषा का अपना विशेष अस्तित्व और महत्व है। आमजन को हिंदी भाषा की केवल पैरवी ही नहीं करनी होगी बल्कि इसका शुद्ध रूप से उच्चरित प्रयोग करने की भी नितांत आवश्यकता है। यह विचार राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग द्वारा आयोजित भाषण प्रतियोगिता में प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने मुख्यातिथि के तौर पर अपने संबोधन में व्यक्त किए।
उन्होंने उपस्थितजन को हिंदी दिवस की मुबारकबाद देते हुए हिंदी के सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक क्रियान्वन पर विशेष बल दिया। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हिंदी दिवस के अवसर पर प्रो. निर्मला रानी व प्रो. कपिल कुमार सैनी के संयोजन में आयोजित इस भाषण प्रतियोगिता की अध्यक्षता वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य व भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. यशपाल रोज ने की। इस अवसर पर प्रो. यशपाल रोज, प्रो. विक्रमजीत सिंह, डा. रुपिंदर कौर, डा. दशरथ गाट, प्रो. रोहताश, डा. सतपाल बेनीवाल, प्रो. संदीप झोरड़, प्रो. मुकेश सुथार, प्रो. रितिका इत्यादि ने भी हिंदी भाषा की दशा-दिशा, इसके महत्व व उपयोगिता के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए उपस्थितजन को हिंदी दिवस की मुबारकबाद प्रदान की। भाषण प्रतियोगिता के दौरान प्रो. ऋतु तायल, प्रो. सविता दहिया व प्रो. अनु ने निर्णायकमंडल की भूमिका का निर्वहन किया। भाषण प्रतियोगिता में बीए द्वितीय की छात्रा प्रियंका ने प्रथम, बीए तृतीय वर्ष की कशिश सैनी ने द्वितीय व बीएससी द्वितीय वर्ष की नीतू ने तृतीय स्थान अर्जित किया।
विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने क्रमश: तीन सौ, दो सौ व एक सौ रुपए के नकद पुरस्कार प्रदान कर पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सत्र 2022-23 के लिए हिंदी विषय परिषद का गठन भी किया गया जिसमें बीए तृतीय वर्ष की छात्रा कशिश सैनी को अध्यक्ष, बीए द्वितीय वर्ष की प्रियंका को उपाध्यक्ष, बीएससी द्वितीय वर्ष की नीतू को सचिव, बीए प्रथम वर्ष की वनिता को सह-सचिव, बीए द्वितीय वर्ष की अल्का को कोषाध्यक्ष व बीए प्रथम वर्ष की सरिना व मनीषा को सदस्य निर्वाचित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. निर्मला रानी व प्रो. कपिल कुमार ने किया।

