भूलना एक क्रिया है हम देखते है हम बहुत कुछ भूल जाते है शायद भूलना इक आदत है अगर सब कुछ याद रहे तो जीना मुश्किल हो जाये
बहुत सी क्रिया खुद होती रहती है कभी कभी बहुत याद करने पर भी कुछ याद नही आता फिर कुछ पल के बाद यकायक याद आ जाता है
शायद अच्छा है 100%हमारी मर्जी के मुताबिक नही हो रहा नही तो दुनिया में मुशिकल हो जाये ।।
छोडो बाकि अगर साँस लेने की जिम्मेदारी हमारी ही हो तो हम कोई और काम नही कर सकते अगर कोई करेगे तो साँस लेना भूल जाएंगे ..…..
इस लिए बातो को छोड़ना पड़ता है भूलना पड़ता है तभी ज़िन्दगी चलती है ज़िन्दगी को आसान करे किसी से माफ़ी मांग ले किसी को माफ़ करे
क्योकि
छोडो कल की बाते कल की बात पुरानी
नये दौर में लिखेगे मिल कर नही कहानी…..


