Home News Point जीएनसी सिरसा में हुआ एंटी रैगिंग डे का आयोजन रैगिंग एक भयावह ज़ुर्म: डा. कृष्ण गोपाल

जीएनसी सिरसा में हुआ एंटी रैगिंग डे का आयोजन रैगिंग एक भयावह ज़ुर्म: डा. कृष्ण गोपाल

1 second read
0
0
147

राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा रैगिंग फ्री कैंपस है और इसमें किसी भी प्रकार की रैगिंग को बर्दाशत नहीं किया जाएगा। रैगिंग एक भयावह ज़ुर्म है और विद्यार्थियों को इस सामाजिक बुराई से हमेशा दूरी बना कर रखनी चाहिए। यह विचार राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा में प्राचार्य डा. संदीप गोयल की अध्यक्षता में एंटी रैगिंग डे के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय की एंटी रैगिंग समिति के संयोजक डा. कृष्ण गोपाल ने अपने संबोधन में व्यक्त किए। डा. कृष्ण गोपाल ने पीपीटी के माध्यम से उपस्थितजन को रैगिंग के अभिप्राय, इसकी किस्मों, प्रताड़ितजन पर इसके दुष्प्रभाव, यूजीसी एंटी रैगिंग नियमावली व रैगिंग की रोकथाम में विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों की भूमिका से अवगत करवाया।

उन्होंने कहा कि रैगिंग का मतलब है ऐसा काम करना जिससे किसी छात्र को अपमान, परेशानी, भय की आशंका, धमकी, शील भंग या चोट लगने की संभावना हो। रैगिंग ने अनगिनत मासूम लोगों की जिंदगी और करियर बर्बाद कर दिया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खतरे को रोकने के लिए यूजीसी विनियम, 2009 के अनुसार, रंग, नस्ल, धर्म, जाति, जातीयता, लिंग, यौन अभिविन्यास, उपस्थिति, राष्ट्रीयता, क्षेत्रीय मूल, भाषाई पहचान, जन्म स्थान, निवास स्थान या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी अन्य छात्र को लक्षित करके शारीरिक या मानसिक दुर्व्यवहार का कोई भी कार्य रैगिंग माना जाता है। रैगिंग मौखिक या लिखित शब्दों या ई-मेल या पोस्ट के माध्यम से दुर्व्यवहार, नए विद्यार्थियों को चिढ़ाना या उनके साथ अशिष्ट व्यवहार करना, जिससे उन्हें मनोवैज्ञानिक क्षति पहुंचे, सार्वजनिक अपमान, भय या धमकी या व्यवधान या शारीरिक चोट पहुंचे, मनोरंजन के लिए मजबूर करना या आर्थिक वसूली, अश्लील कार्य करने के लिए कहना, सेवाओं का शोषण, शील भंग करना या यौन उत्पीड़न, झुंझलाहट या आशंका या धमकी पैदा करना, वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा परपीड़क रोमांच या विकृत आनंद प्राप्त करने के लिए अधिकार या श्रेष्ठता का प्रदर्शन करना या कोई भी ऐसा आचरण जो नए विद्यार्थी या किसी अन्य विद्यार्थी के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को प्रभावित करता हो, का कृत्य है। डा. कृष्ण गोपाल ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में रैगिंग की रोकथाम के लिए संस्थान में एक एंटी-रैगिंग समिति का गठन किया गया है जो रैगिंग की समस्या को रोकने के लिए रणनीति और कार्य योजना तैयार करने में शामिल है। यह समिति रैगिंग से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेती है और तत्काल सुधार हेतु प्रयासरत रहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

एपेक्स लेडीज क्लब का ‘पक्षी मित्र अभियान’ – संवेदनशील पहल

एपेक्स लेडीज क्लब का ‘पक्षी मित्र अभियान’ – संवेदनशील पहल भीषण गर्मी के इस दौर में, जब धरत…