Home updates युद्ध

युद्ध

5 second read
0
0
3
#युद्ध 
जब कभी बचपन मे चोट लगती थी तो माँ की फुक बड़ा आराम देती थी और वो कहती थी देख चींटी का आटा बिखर गया और हमारा ध्यान दूसरी तरफ चल जाता और फिर हम अपनी चोट को भूल जाते और खेलने लगते ये घर का उपचार था प्रेम महोबत थी माँ की दुया व दवा थी मुशिकल दौर है इस वक्त बस उपचार वही है घर का पुराना नवरात्रे के दिन है घर मे बैठी देवी स्वरूप माँ की आराधना करें  पूरे संसार के स्वस्थ होने की कामना करें इस लड़ाई को लड़ने का सिर्फ एक ही तरीका है सिर्फ है घर 
घर पर रहे स्वस्थ रहे आपना ख्याल रखे 
प्रशासन को सहयोग करे अपनी ओर से घर के आसपास समाज की सेवा भी जरूर करे 
हल्का भोजन व योग भी करे ।।
ज़िन्दगी ज़िंदाबाद  Sanjivv Shaad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

खेलकूद से पैदा होती है अनुशासन की भावना: डा. संदीप गोयल

जीएनसी सिरसा में नैशनल स्पोर्ट्स डे पर हुआ आयोजन सिरसा: 29 अगस्त: व्यक्तित्व के सर्वांगीण …