गर्मियों की छुट्टियों में क्या करें? छुट्टियां सिर्फ बीतनी नहीं चाहिए, जीनी भी चाहिए
गर्मी की छुट्टियां अक्सर एक-एक दिन करके बीत जाती हैं। छुट्टियां शुरू होने से पहले हम कितने सारे प्लान बना लेते हैं — इस बार वहां घूमेंगे, उस जगह जाएंगे, दोस्तों से मिलेंगे, कुछ नया करेंगे। कभी नानी का घर याद आता है, कभी दादा-दादी का आंगन, कभी गांव की वे गलियां जहां धूप भी खेल का हिस्सा लगती थी। सुबह जल्दी उठना, आम के पेड़ों के नीचे बैठना, दोस्तों के साथ बिना समय देखे खेलना — छुट्टियों का मतलब ही कुछ अलग होता था।
फिर छुट्टियां शुरू होती हैं और जिंदगी अपने तरीके से चलने लगती है। कभी कोई काम आ जाता है, कभी कोई जिम्मेदारी, कभी हालात साथ नहीं देते। और देखते-देखते छुट्टियां खत्म हो जाती हैं। फिर जब हम अपने दोस्तों, सहपाठियों या सहकर्मियों से मिलते हैं तो एक सवाल अक्सर सुनाई देता है —
“इस बार गर्मी की छुट्टियों में क्या किया?”
और कई बार जवाब होता है —
“यार, पता ही नहीं लगा कि छुट्टियां भी थीं। कहीं घूमना भी नहीं हुआ। कभी ये काम, कभी वो काम…”
सच तो यह है कि कोई भी छुट्टी हमेशा नहीं रहती। कोई मौसम स्थायी नहीं होता, कोई समय ठहरता नहीं है। लेकिन उस समय को हमने कैसे जिया, उसे कैसे महसूस किया — वही हमारी यादों में रह जाता है।
इसलिए इस बार गर्मियों की छुट्टियों को सिर्फ गुजरने मत दीजिए, उन्हें थोड़ा संजोइए। ऐसा कुछ कीजिए जो सिर्फ समय न काटे बल्कि आपको थोड़ा बेहतर इंसान भी बनाए।
सकारात्मक गर्मियों की छुट्टियों का प्लान
सुबह (6–8 बजे)
???? हल्की सैर या योग
???? सूर्योदय देखना
???? 10 मिनट ध्यान या शांत बैठना
दिन का पहला हिस्सा (9–11 बजे)
???? एक अच्छी किताब पढ़ें
???? कुछ नया सीखें — भाषा, चित्रकला, संगीत या लेखन
दोपहर (12–3 बजे)
✍️ अपनी डायरी लिखें
✍️ अपने सपनों और आने वाले लक्ष्यों की सूची बनाएं
✍️ मोबाइल की बजाय अपने विचारों से समय बिताएं
शाम (4–7 बजे)
⚽ खेलें, साइकिल चलाएं, पौधे लगाएं
???????????? परिवार के साथ बैठें
???? पुराने दोस्तों या रिश्तेदारों से बात करें
रात (8–10 बजे)
⭐ पूरे दिन की एक अच्छी बात लिखें
⭐ अगले दिन का छोटा-सा लक्ष्य तय करें
जब छुट्टियां खत्म हों और कोई पूछे — “इस बार क्या किया?”
तो जवाब सिर्फ इतना न हो — “पता ही नहीं चला कब निकल गई…”
बल्कि मुस्कुराकर कह सकें —
“मैंने सिर्फ छुट्टियां नहीं बिताईं, मैंने कुछ यादें बनाई थीं।”
– Saanjiv Shaad
The Mission: Positive Waves

