गुम है कोई
और कोई क्यों ढूढ़ता
न उसको वो मिला
न वो उसको मिला
शहर के चौराहे
से गुजरते वक्त
बस जिसे देखा था
उसके बाद अब कोई चौराहा नहीं आया
बस एक ही राह है
इक आ रहा है एक जा रहा है
और हर कोई हर किसी के पास से गुजर रहा है
और सफर ……..जारी है
Check Also
खेलकूद से पैदा होती है अनुशासन की भावना: डा. संदीप गोयल
जीएनसी सिरसा में नैशनल स्पोर्ट्स डे पर हुआ आयोजन सिरसा: 29 अगस्त: व्यक्तित्व के सर्वांगीण …

