आज दिन भर में तूफान की खबरे ओर तरह तरह के मज़ाक पढ़ने को मिले …सच मे चाँद किसी के लिए मामा है किसी के लिए महबूब ओर किसी के लिए …रोटी लगता है सोचने का विषय है कुदरत की ये हालत कैसे हुई ओर आने वाला कल कैसा होगा सल्फी के दौर में ओरिजनल फोटो को भूल ही गए …
कुदरत

