हो सकता है की तुझे झूठ लगे या फिर सच इससे मुझे कोई भी फर्क नहीं पड़ता मैने अक्सर देखा लोग बस इक अवसर की तलाश में रहते है लेकिन झूठ और सच को भी छोड़ के काफी अरसे से कोई युद्ध नही लड़ा सम्पूर्ण मानव जाति ने इसलीये सियासत और फरेब काफी हो रहे है लोग मुखोटे पहन के …
झूठ लगे या सच तुझे…..

