क्यों कैसे और हर कोई देखता है मुझे अलग -2 नज़र से और मैं इक हूँ जो हर नज़र का मतलब समझती हूँ …..अर्थ समझती हूँ। और रिश्तों में पिसती हूँ……
हर नज़र…..
क्यों कैसे और हर कोई देखता है मुझे अलग -2 नज़र से और मैं इक हूँ जो हर नज़र का मतलब समझती हूँ …..अर्थ समझती हूँ। और रिश्तों में पिसती हूँ……
सवेरे उठता हूँ रोटी मिलती है और मै तेयार होता हूँ कुर्ता जींस पेरो में चपल डाल के सारा दिन बजार घूमता हूँ इन सब के बीच कविता गीत गजल और कहानी कहता और सुनता हूँ और नाटक करता हूँ।कुछ लोग सोचते है कल क्या होगा इसका पर कहते है कल कभी नहीं आता मेरा तो सिर्फ आज है ।शायद …
सवेरे उठता हूँ रोटी मिलती है और मै तेयार होता हूँ कुर्ता जींस पेरो में चपल डाल के सारा दिन बजार घूमता हूँ इन सब के बीच कविता गीत गजल और कहानी कहता और सुनता हूँ और नाटक करता हूँ।कुछ लोग सोचते है कल क्या होगा इसका पर कहते है कल कभी नहीं आता मेरा तो सिर्फ आज है ।शायद …
आओ मिल के रोना रोये इक आदत है औरमेरा मुल्क शिकायत पेटी है बसअर्जी लिखो और इंतज़ार करो या फिर मौन होकर भीड़ का हिस्सा बन के खबर पढ़ो या या इन्कलाब रूपी बंदूख उठा के अख़बार की खबर बन जाओशायद तीसरा कोई रास्ता नहीं है और हा इक चोराहा है तुम कही भी किस तरफ जा सकते हो …..और …
आओ मिल के रोना रोये इक आदत है औरमेरा मुल्क शिकायत पेटी है बसअर्जी लिखो और इंतज़ार करो या फिर मौन होकर भीड़ का हिस्सा बन के खबर पढ़ो या या इन्कलाब रूपी बंदूख उठा के अख़बार की खबर बन जाओशायद तीसरा कोई रास्ता नहीं है और हा इक चोराहा है तुम कही भी किस तरफ जा सकते हो …..और …
पुराने क़िले की सैर करते हुए सैकड़ो साल पुरानी तोप की गोला फेकने वाली नाली में चिड़िया के घोसलें में नन्हे बच्चों को देख के विचार उठा की ज़िन्दगी भी कहाँ -2 जन्म लेती है…shaad
पुराने क़िले की सैर करते हुए सैकड़ो साल पुरानी तोप की गोला फेकने वाली नाली में चिड़िया के घोसलें में नन्हे बच्चों को देख के विचार उठा की ज़िन्दगी भी कहाँ -2 जन्म लेती है…shaad
कत्ल …………………………और मौत में अंतर है श्रदा के रूप ही ये मोम बत्ती क्योकि दिल है मोमजो जल रहा है उदास है बस मेरे शब्द गुम है और …..अर्थ बेअर्थ ज़िन्दगी कीसमय पे मौत तो कबूल है जिंदगी का कत्ल नहीं …….और कल स्कुल बन्द रहेगा और कभी शायद खुले भी ना बस मैं तुम्हे मेरे बच्चे अनपढ़ ही देखना …
कत्ल …………………………और मौत में अंतर है श्रदा के रूप ही ये मोम बत्ती क्योकि दिल है मोमजो जल रहा है उदास है बस मेरे शब्द गुम है और …..अर्थ बेअर्थ ज़िन्दगी कीसमय पे मौत तो कबूल है जिंदगी का कत्ल नहीं …….और कल स्कुल बन्द रहेगा और कभी शायद खुले भी ना बस मैं तुम्हे मेरे बच्चे अनपढ़ ही देखना …
मुझे नही याद की जन्म के बाद मैंने पहला कब पाप किया था और कब परमात्मा से माफ़ी मांगी थी और हाँ जब से बड़ा और समझदार हुआ तो हर रोज खुदा के घर जाता हूँ आपनी भूल का अफ़सोस और माफ़ी मांगने ।।काश मेरा आज बचपन मेरे पास होता ……..ज़िंदा होता तो आज न मरता जीते जी
बाल मंदिर स्कूल के प्रांगण में 46 वें वार्षिक उत्सव के भव्य एवं गौरवशाली …
गुरु नानक कॉलेज किल्लियांवाली के पूर्व छात्र संघ की वार्षिक आम बैठक 14 नवंबर …
डबवाली शहर के कॉलोनी रोड स्थित श्री अन्नपूर्णा हनुमान मंदिर के समीप स्थित सम्राट …
A YouTube Channel by a Theater artist, Choreographer, Mentor, Motivational Spraker Sanjeev Shaad of M.Dabwali for providing an open platform to everyone who has something to say,to share,to explore with the Society. This channel is also a medium to highlight and sharp your God- gifted virtues with each other, following the mission to appreciate and highlight the hidden talent.