महाराणा प्रताप महिला महाविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत एक प्रभावशाली जागरूकता संगोष्ठी एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वनिता गुप्ता ने की। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो परिवार और राष्ट्र की नींव को कमजोर करती है।

मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर एवं रंगकर्मी श्री संजीव शाद तथा पुलिस विभाग से उप-निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा उपस्थित रहे। श्री संजीव शाद ने अपनी भावपूर्ण और ओजस्वी प्रस्तुति से छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की आग में केवल एक व्यक्ति नहीं जलता, बल्कि उसके परिवार की बेटियाँ और महिलाएँ सबसे अधिक पीड़ा सहती हैं। उन्होंने अपनी कविताओं और जीवन के अनुभवों के माध्यम से छात्राओं को सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और आत्मबल को अपनाने का संदेश दिया।

डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं के भविष्य पर नशे के दुष्प्रभावों को विस्तार से समझाया। उन्होंने वास्तविक घटनाओं के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि उज्ज्वल भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों से समाज में जागरूकता दूत बनकर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या डॉ. वनिता गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। महाविद्यालय की समस्त छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने आजीवन नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस सफल आयोजन का संचालन महाविद्यालय की एंटी-ड्रग्स कमेटी की कन्वीनर डॉ. ऊषा के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। संगोष्ठी ने परिसर में नशामुक्त भारत के संकल्प को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

