Home साहित्य दर्पण चलो SORRY बोलते है …..

चलो SORRY बोलते है …..

0 second read
2
0
3

कहानी : सॉरी : गुरतेज सिंह

जितनी जलदी हो सके अपनों को सॉरी बोल दीजिए, वर्ना दूरिया अमर बेल की तरह रिश्तों को लिपट जातीं है ।।

2 Comments

  1. jaswinder kaur

    November 29, 2020 at 4:41 am

    bhut khoob ji??

    Reply

  2. pawandeep

    December 3, 2020 at 9:13 am

    बहुत ख़ूब ??

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

वैसाखी उत्सव-2026: कलाग्राम में पंजाब की लोक संस्कृति हुई जीवंत

  चंडीगढ़: भारत सरकार के नॉर्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर (पटियाला) द्वारा आयोजित “वैसाखी उत्स…