Home साहित्य दर्पण चलो SORRY बोलते है …..

चलो SORRY बोलते है …..

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कहानी : सॉरी : गुरतेज सिंह

जितनी जलदी हो सके अपनों को सॉरी बोल दीजिए, वर्ना दूरिया अमर बेल की तरह रिश्तों को लिपट जातीं है ।।

2 Comments

  1. jaswinder kaur

    November 29, 2020 at 4:41 am

    bhut khoob ji??

    Reply

  2. pawandeep

    December 3, 2020 at 9:13 am

    बहुत ख़ूब ??

    Reply

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