पूछा है उसने मुझ से ……
बस …..और
कहा की
कभी कभी उदास भी होना चाहिये
जरूरी है उदासी खालीपन
और मौन
अहसास ……………….
कुछ न समझ आना
और तेरा पुछना
क्यों……..
और
मैं
शीशे के सामने खड़ा हो गया
और मुझे इक जबाब मिला की
मैं उदास क्यों हूँ
मै उदास हूँ परेशान नही
मेरे आसपास है मेरी कविता मेरा गीत गजल और कहानियाँ
और कलम….और मेरे चेहरे पे ख़ुशी आई
तभी उसने पलट के पूछा की
तुम इतने खुश क्यों हो……..
और मैने अपनी कलम की और देखा
उदासी ख़ुशी के फर्क को जाना तो लिखा की मेरे पास उदास और ख़ुशी दो शब्द और उसके पास इक ही शब्द
क्यों……….क्योकि वो मेरा सच्चा मित्र भी है जो
फ़िक्र करता है
शुक्रिया मित्रो आप मुझे समझते हो और
जानते ही नही पहचानते भी हो
आपका
Sanjivv Shaad



दिलबागसिंह विर्क
May 27, 2020 at 1:53 pm
आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 28.5.2020 को चर्चा मंच पर चर्चा – 3715 में दिया जाएगा
धन्यवाद
दिलबागसिंह विर्क
दिलबागसिंह विर्क
May 27, 2020 at 1:53 pm
आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 28.5.2020 को चर्चा मंच पर चर्चा – 3715 में दिया जाएगा
धन्यवाद
दिलबागसिंह विर्क
अनीता सैनी
May 28, 2020 at 2:48 am
कभी कभी उदास भी होना चाहिये
जरूरी है उदासी खालीपन
और मौन
अहसास ……………….
कुछ न समझ आना
और तेरा पुछना
क्यों……..वाह ! बहुत ही खूबसूरत.
सादर
अनीता सैनी
May 28, 2020 at 2:48 am
कभी कभी उदास भी होना चाहिये
जरूरी है उदासी खालीपन
और मौन
अहसास ……………….
कुछ न समझ आना
और तेरा पुछना
क्यों……..वाह ! बहुत ही खूबसूरत.
सादर
मन की वीणा
May 28, 2020 at 10:07 am
वाह अलहदा से सुंदर भाव ।
मन की वीणा
May 28, 2020 at 10:07 am
वाह अलहदा से सुंदर भाव ।