Home updates Vinod Khurana :-सर्दी गर्मी के मिजाज में दो चक्कों पर घूमती ज़िन्दगी मुस्करा कहती है “यात्रा ही मंजिल है”

Vinod Khurana :-सर्दी गर्मी के मिजाज में दो चक्कों पर घूमती ज़िन्दगी मुस्करा कहती है “यात्रा ही मंजिल है”

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शुरुआत ही मुश्किल होती है थोड़ा सा जनून थोड़ी थी हिम्मत से ही नए मुकाम दुनिया मे हासिल होते है।और आपके द्वारा किये कार्य ही इतिहास में दर्ज होते है।लीक से हट कर कर कार्य करे लोग आपके दीवाने हो जायेगे।
“तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत में यकीन रख
अगर कही है स्वर्ग तो उतार ला जमी पर”..।
मलोट शहर के संगीतगुरु जनाब विनोद खुराना जी ने एक ऐसा इतिहास रच दिया है।उनकी जीवन यात्रा युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा दायक बन गई।हर किसी की बचपन मे चाहत होती है एक साईकल हो और जवानी में उस साईकल पर मोटर लग जाये यानी मोटर साइकिल हो 
जीवन के वो पल जो किसी ओर की जिंदगी में परिवर्तन ला दे। जिनको देख कर कुछ कर गुजरने का मन करे तभी ज़िन्दगी जिंदाबाद होती है।
आज मिलते है आपको जिनके दिन की शुरुआत दो पहियों पर होती है सिर पे हेलमेट होठो में मुस्कान कानो में संगीत होता है । जब जीवन के सातों स्वर सातों रंग  के साथ मिल कर हर हफ्ते के सातों दिन महीनों ओर वर्षो में बीत जाते है जो कहते है । “यात्रा ही मंजिल है”और मंजिल के आगे एक ओर मंजिल होती है। क्योंकि लोग उनको शिद्दत व गर्व के साथ उन्हें
*खुराना साहब कहते हैं*
  जीवन पर एक झलक
विनोद खुराना उर्फ़ परवाज़
जन्म मलौट
उम्र 45 साल
शिक्षा एम ए संगीत गायन
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से
साथ में संगीत विशारद, संगीत भास्कर, संगीत प्रभाकर
1994 में बेस्ट सिंगर ऑफ़ कालेज,
1997 में बेस्ट सिंगर ऑफ़ सिटी,
शिक्षक के रूप में
संगीत अध्यापक 4 साल
सरकारी स्कूल भागू
संगीत लेक्चरर 2 साल
सरकारी कालेज बठिंडा
संगीत अकेडमी
2001 से अब तक चल रही
करीब 2500 विद्यार्थी या चुके अकेडमी में 19 साल में
पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू झारखण्ड से
2 साल से ऑनलाइन संगीत सिख रहे
कैनेडा आस्ट्रेलिया जर्मनी रूस मलेशिया बेल्जियम सहित करीब 10 देशों के इलावा दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से विद्यार्थी ऑनलाइन संगीत की तालीम ले रहे हैं
सूफी गायक के तौर पर
हनी सिंह और अनूप शर्मा की कम्पनी एक्मे एंटरटेनमेंट की तरफ से
2010 में चंडीगढ़ में 1 शो किया,
फिर 2010 से 2012 तक पूरे पंजाब में करीब 25 लाइव शो किये
एक किताब प्रकाशित हुई
2010 में
सूफी और सांस्कृतिक गीतों की,
2008 से 2011 तक पंजाब के करीब 10 अख़बारों में 200  रचनाएं और भारत, अमेरिका, केनेडा, पाकिस्तान के करीब 150 साहित्यक मैगज़ीन में करीब 600 कविताएं, ग़ज़ल, कथा, लघु कथा, हाइकु, दोहे प्रकाशित हुए
10 अप्रैल 2018 को साइक्लिंग शुरू की
अब तक लगातार जारी है
18 मई 2020 को बिना नागा 770 दिन पूरे किये
साइक्लिंग के ज़रिये नौजवानों को नशा छोड़ कर सेहत से जुड़ने का संदेश देते हैं
मलौट से साईकल पर आस पास के शहरों में जाते हैं
करीब 70 किलोमीटर तक
मलौट साइक्लिंग क्लब के फाउंडर हैं,
अब तक 150 से ज़्यादा नौजवान प्रेरणा लेकर साइक्लिंग शुरू कर चुके हैं
20 किलोमीटर रोज़ाना
अब तक 15 हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा साईकिल चला चुके,
चाहे बारिश हो, धुंध हो, धुप हो
8 डिग्री से 48 डिग्री तक साईकल चलाया
साइक्लिंग को बढ़ावा देने और नौजवानों को नशों से दूर करने के लिए दिसम्बर 2019 में नई दिल्ली में भारत के स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन और दिल्ली बीजेपी प्रमुख मनोज तिवाड़ी और अंकपाली एनजीओ द्वारा “राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया गया,
2020 में पंजाब के खज़ाना मंत्री मनप्रीत सिंह बादल द्वारा “प्राइड ऑफ़ पंजाब” पुरस्कार,
2019 में एसडीएम मलौट द्वारा “द मोटिवेटर” पुरस्कार,
2018 में शिवपुरी मलौट द्वारा “गोल्ड साइक्लिस्ट” पुरस्कार,
2020 में साईकल राइडर क्लब मुक्तसर द्वारा “बेस्ट राइडर” पुरस्कार,
सगीत और साहित्य क्षेत्र में योगदान में लिए
2014 में यूथ आइकन पुरस्कार मिला
खुराना साहब की नज़र में ज़िन्दगी ख़ुदा की एक बख्शिश है
इसे काटना नहीं, जीना है
ज़िन्दगी एक कविता है
इसे पढ़ना है, समझना है और अपनाना है और गुनगुनाना है
केवल साँसें नहीं लेनी
समाज में चारों ओर नकारात्मक सोच का बोलबाला है
अपने आस पास उन लोगों को ढूंढना है जिन्हें ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा नहीं पता
इसी के लिए तो हमें ज़िन्दगी मिली है ….
बिल्कुल खुराना साहब किसी को ज़िन्दगी में नई राह नई उम्मीद ही दे देना जीना इसी का नाम है संगीत साईकल चलना ओर बढ़ना सिखाते है। सच मे नई पीढ़ी आपके किरदार से बहुत कुछ सीखेगी ओर कहेगी ज़िन्दगी ज़िंदाबाद 
Sanjiv shaad

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