जीएनसी सिरसा में हुआ पांच दिवसीय थिएटर कार्यशाला का शुभारंभ
सुविख्यात रंगकर्मी कर्ण लढा देंगे प्रशिक्षण

राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा में परफार्मिंग आर्ट्स क्लब व ड्रामा क्लब के तत्वावधान में संस्कार भारती शाखा, सिरसा व केएल थिएटर प्रोडक्शन के सहयोग से पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्राचार्य डा. संदीप गोयल के संरक्षण व डा. स्मृति कंबोज, डा. मंजू मेहता एवं डा. राजरानी के संयुक्त संयोजन में आयोजित इस कार्यशाला में दिल्ली के नैशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा व पुणे के फिल्म और टीवी संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ऑफ़ थिएटर सुविख्यात रंगकर्मी एवं नाट्य-निर्देशक कर्ण लढा मास्टर ट्रेनर की भूमिका का निर्वहन करेंगे।

इस कार्यशाला में कर्ण लढा थिएटर कला सीखने के इच्छुक विद्यार्थियों को आंतरिक स्वः की प्रतिभा पहचान एवं खोज के आधार पर थिएटर में कल्पनाशीलता, अवलोकन, संवेद, व्याख्यान, हाव-भाव, भावना, संवाद संप्रेषणीयता इत्यादि के सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक महत्व से अवगत करवाते हुए इनका प्रायौगिक स्तर पर भी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। इस पांच दिवसीय थिएटर कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के दौरान डा. स्मृति कंबोज द्वारा कर्ण लढा का परिचय प्रदान किए जाने के उपरांत मुख्यातिथि के तौर पर अपने संबोधन में प्राचार्य डा. संदीप गोयल ने कहा कि समाज एवं मानवीय जीवन के यथार्थ को सटीक और स्पष्ट अभिव्यक्ति प्रदान करने में थिएटर की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि थिएटर कला में परिपक्वता जहां व्यक्ति की प्रतिभा एवं पहचान को बड़ा फलक प्रदान करती है वहीं यह आजीविका अर्जित करने हेतु एक विराट व्यवसाय भी है। उन्होंने उपस्थितजन का आह्वान करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ कला से जुड़ाव भी अनिवार्य है। डा. संदीप गोयल ने कहा कि व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस अति महत्वपूर्ण और सृजनात्मक कार्यशाला के आयोजन हेतु महाविद्यालय के ड्रामा क्लब के सदस्यों के प्रति साधुवाद व्यक्त करते हुए कार्यशाला के मास्टर ट्रेनर कर्ण लढा के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। ड्रामा क्लब प्रभारी डा. मंजू मेहता ने उद्घाटन सत्र में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज़ करवाने हेतु सभी उपस्थितजन के प्रति धन्यवाद प्रेषित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला में भाग ले रहे पचास प्रतिभागी अवश्य ही अपनी प्रतिभा को सामने लाते हुए अपनी कला में निख़ार लाएंगे।

