#युद्ध का 8वा दिन
कुछ लोगो के पास सब हथियार होते हुए भी युद्ध हार जाते है क्योंकि उनके पास हिम्मत नही होती वक्त ने तो गुजरना ही होता है उसकी चाल हमारे मन दिल दिमाग की दशा पर निर्भर है मौसम पर निर्भर है कभी कभी एक पल भी पहाड़ जैसा लगता है वैसे हम धरती का सबसे अनोखा युद्ध लड़ रहे है सिर्फ घर पर खाली बैठना है क्योंकि खाली बैठना भी मुश्किल कार्य होता है और एक बात भी तय है दुनिया मे जितने भी अविष्कार हुए है खोज हुई है व सदा रुक कर सोच कर यानी खाली हो कर हुई है बस देखना ये है कि सोचना किस दिशा की ओर है क्योंकि वक्त तो गुजर ही जाता है अपनी रफ्तार से ओर कुछ वक्त बहुत कुछ सीखा जाता है और वक्त याद रहता है लेकिन योद्धा आपने मन के विवेक को समझ कर ही लड़ता है क्योंकि उसका मन ही मंदिर होता है वक्त के रथ पर सवार हो कर एक चित के साथ एक लक्ष्य बना कर विजय प्राप्त कर लेता कुछ लोग वक्त के हिसाब से चलते है और कुछ लोगो के हिसाब से वक्त चलता है
युद्ध तो जारी रहता है
घर पर रहे ये वक्त की आवाज है …
ज़िन्दगी ज़िंदाबाद

