माता हरकी देवी विद्यालय में चल रहे सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का समापनशानदार रहा।

यह ग्रीष्मकालीन शिविर भारतीय भाषा पर आधारित था, जिसमें कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने राज्य उड़ीसा की सभ्यता, संस्कृति और भाषा को जाना। इसग्रीष्मकालीन शिविर का कार्यभार विद्यालय के उप प्रधानाचार्य डॉ एल डी जेना ने संभाला। डॉ एल डी जेना ने भारतीय भाषा समर कैंप मेंविद्यार्थियों को उड़िया भाषा से अवगत करवाया।

शिविर के समापन पर मुख्यातिथि उप जिला शिक्षा अधिकारी श्री विनोद कुमार श्योराण, माता हरकी देवी संस्थान की निदेशिका डॉ कुलदीप कौर आनंद जी थे।अन्य सम्मानीय अतिथियों में माता हरकी देवीमहाविद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ अभिलाषा शर्मा और बी.एड विभाग के प्रधानाचार्य डॉकृष्णकांत शामिल हुए हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यतिथियों को तिलक लगाकर औरगुलदस्ता भेंट करके हुआ। इसके पश्चातविद्यालय के उप प्रधानाचार्य डॉ एल डी जेना ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। संगीत अध्यापिका वंदना वाणी द्वारा तैयार उड़िया संगीत प्रस्तुत किया गया। योग से संबंधित विद्यार्थियों द्वारा योग का प्रदर्शन किया गया।छात्राओं के द्वारा उड़िया भाषा में वार्तालाप प्रस्तुत किया गया। उड़ीसा राज्य से संबंधितकला का प्रदर्शन भी शानदार रहा। नृत्य अध्यापिका टीना और छात्राओं के द्वारा उड़िया नृत्य की पेशकश ने सबका मन मोह लिया।मुख्यतिथियों द्वारा राज्य उड़ीसा से संबंधित प्रदर्शनी को सराहा गया। कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास होता है और वे शिक्षा के साथ साथ अपनी संस्कृति से भी जुडते हैं। कार्यक्रम के अंत में माता हरकी देवी शिक्षण संस्थान की प्रबंध निदेशक डॉ कुलदीप कौर आनंद ने आए हुए अतिथियों को धन्यवाद प्रेषित किया व भारतीय भाषा पर आधारित ग्रीष्मकालीन शिविर की सराहना की और कहाकि भारत एक बहुभाषी देश है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बहुभाषावाद पर जोर देती है औरभारतीय भाषाओं को राष्ट्रीय एकता के लिए एक महान साधन के रूप में देखती है और माता हरकी देवी विद्यालय अपने विद्यार्थियों के सम्पूर्ण विकास पर विश्वास करता है।

