बच्चों को निशुल्क पढ़ा रहे शिक्षकों को शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित
डबवाली
शिक्षक सप्ताह के अंतर्गत लायंस क्लब डिलाइट द्वारा श्री बालाजी इंस्टीट्यूट में शिक्षकों के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट द्वारा दी जा रही निशुल्क शिक्षा की सराहना करते हुए आज के व्यावसायिक युग में एक सराहनीय पहल बताया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लायंस क्लब के प्रांतीय महासचिव डा. शमिंदर मिगलानी ने बालाजी इंस्टीट्यूट के उत्कृष्ट परिणामों के लिए बधाई दी और उनके निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में, जहां शिक्षा को अक्सर एक व्यवसाय के रूप में देखा जाता है, वहां बालाजी इंस्टीट्यूट का मुफ्त शिक्षा प्रदान करने का मॉडल वास्तव में प्रेरणादायक है। क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी मुकेश गोयल ने भी बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के प्रयासों की प्रशंसा की।
शिक्षाविद् डॉ. बीर चंद गुप्ता ने इंस्टीट्यूट की शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला, जबकि इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर परमजीत कोचर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। कोचर ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार बताया। उन्होंने बताया कि नौकरी से रिटायरमेंट के बाद खाली बैठने की बजाय उन्होंने बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। अपने घर को ही शिक्षा के मंदिर में बदल दिया और यहां बच्चों को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा दी जा रही है। उनके इस प्रयास से यहां पढ़कर अपनी कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व नौकरी पाने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम के दौरान, रिया और तन्नु ने अपनी कविताओं से सबका मनोरंजन किया।
इस अवसर पर श्री बालाजी इंस्टीट्यूट के समर्पित शिक्षकों जैसे डॉ. वीर चंद गुप्ता, परमजीत कोचर, अमन पाहवा, शुभदीप कौर, शैरी धालीवाल, अमित गोयल, पूनम जांगिड़, धर्मपाल गर्ग के अलावा शिक्षक सुशील मेहता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, स्मृति-चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर उनके बहुमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया।
कार्यक्रम में क्लब सचिव मनोज शर्मा, राकेश गोयल, पंकज मेहता, ऋषि पपनेजा, अमित टक्कर, पीआरओ अनिल सिंगला और लायंस क्लब के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

