प्रो. सीता कुमार ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेकर एक अच्छा इन्सान बनने की प्रेरणा दी।

सिरसा: 5 सितंबर:
हमारे पहले गुरु हमारे माता पिता हैं क्योंकि वह हमें जीवन भर का ज्ञान देते हैं। दूसरा गुरु हमारे शिक्षक हैं और हमें सदैव इनका ऋणी रहना चाहिए। यह विचार राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा में प्राचार्य डा. संदीप गोयल के संरक्षण व राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा. मंजू कंबोज के संयोजन में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विचार गोष्ठी में डा. मंजू कंबोज ने मुख्य वक्ता के तौर अपने संबोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक बने, अच्छे वातावरण को ग्रहण करें ताकि अपने उद्देश्य को प्राप्त करके अपना, अपने माता पिता व महाविद्यालय का नाम रोशन करें ताकि हम युवा वर्ग एक अच्छे समाज व अच्छे राष्ट्र का निर्माण कर सकें।

महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर अपने वक्तव्य में डा. संजीत कुमार ने उपस्थितजन को प्रेरित करते हुए बताया कि जीवन में अनुशासन की भूमिका अहम है। यह लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रथम सीढ़ी है। प्रो. सीता कुमार ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जीवन शैली पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेकर एक अच्छा इन्सान बनने की प्रेरणा दी। प्रो. प्रवेश ने कहा कि शिक्षक व माँ बाप की अपने जीवन में अहम् भूमिका होती है। विचार गोष्ठी में एमए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों अमीशा, खुशी, सन्तोष, हरविन्दर व युगल किशोर ने भी शिक्षक दिवस के संबंध में अपने विचार सांझा किए। विचार गोष्ठी के समापन अवसर पर छात्रा खुशी ने सभी उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया।

