Home News Point हिंदी दिवस 14 से 20 सितंबर तक एकल नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। आज से सजेगा रोहतक में एकल नाटकों का मंच

हिंदी दिवस 14 से 20 सितंबर तक एकल नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। आज से सजेगा रोहतक में एकल नाटकों का मंच

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रोहतक, 13 सितंबर। हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य में हरियाणा इंस्टिट्यूट ऑफ परफोर्मिंग आर्ट्स (हिपा), हरियाणा साहित्य अकादमी, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस से अर्थात 14 से 20 सितंबर तक एकल नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

हिपा के अध्यक्ष और कार्यक्रम के आयोजक विश्वदीपक त्रिखा ने बताया कि स्थानीय आईएमए हॉल में होने वाले इस सात दिवसीय समारोह का उद्घाटन 14 सितंबर को उपायुक्त यशपाल यादव करेंगे।
पहले दिन रंग प्रयास नाट्य मंच हिसार की ओर से प्रतिभा सिंह द्वारा अभिनीत नाटक धूप छांव का अंतराल का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन लोकेश मोहन खट्टर ने किया है।
उन्होंने बताया कि 15 को बीआईटीजी दिल्ली द्वारा मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘बड़े भाई साहब’ की नाट्य प्रस्तुति होगी। अभिनेता तरुण भारद्वाज और निर्देशक सुरेन्द्र सागर होंगे।16 सितंबर को नाट्य धर्मिता करनाल की ओर से प्रसिद्ध कहानीकार मंटो की कहानी ‘काली सलवार’ का मंचन होगा। अख्तर अली द्वारा रूपांतरित इस नाटक के अभिनेता और निर्देशक अमर कुनाल होंगे।17 को रंग संस्कार थियेटर ग्रुप अलवर दिलीप बैरागी के नाटक ‘उत्तर कामायनी’ की प्रस्तुति देगा, जिसके अभिनेता हितेश कुमार और निर्देशक डॉ. देशराज मीणा होंगे।
कार्यक्रम के संयोजक अविनाश सैनी के अनुसार, पठानिया वर्ल्ड कैम्पस के सौजन्य से हो रहे इस समारोह में 18 सितंबर को एनएसडी ग्रेजुएट सुनीता तिवारी नागपाल का नाटक ‘क्वश्चन मार्क’ और 19 को लेखक, निर्देशक व अभिनेता जगबीर राठी का नाटक ‘युद्धवीर’ प्रस्तुत किया जाएगा। 20 को हिपा द्वारा प्रस्तुत निर्मल वर्मा के नाटक ‘डेढ़ इंच ऊपर’ का मंचन होगा। ललित खन्ना अभिनीत इस नाटक का निर्देशन विश्वदीपक त्रिखा द्वारा किया गया है। इसी दिन विश्वदीपक त्रिखा ‘किस्सागोई’ की प्रस्तुति भी देंगे।
उन्होंने बताया कि शहर में पहली बार इस तरह के एकल नाट्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य नगर वासियों को स्वस्थ मनोरंजन प्रदान करना, बेहतर सांस्कृतिक माहौल तैयार करना तथा नई पीढ़ी में रंगमंच के प्रति रुचि पैदा करना है। नाटकों की प्रस्तुति शाम 6.30 बजे होगी। दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।

अविनाश सैनी।

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