जलियांवाला बाग साका संबंधी संगोष्ठी 23-24 अप्रैल को
सिरसा: 16 अप्रैल:
अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) के तत्वावधान में जलियांवाला बाग चेयर, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर व पंजाब साहित अकादमी, चंडीगढ़ के सहयोग से 23-24 अप्रैल को श्री गुरु ग्रंथ साहिब ऑडिटोरियम, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर में ‘जलियांवाला बाग: अतीत एवं वर्तमान’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में सिरसा सहित हरियाणा के प्रगतिशील लेखकों, चिंतकों एवं बुद्धिजीवियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज़ करवाएगा।

हरियाणा प्रगतिशील लेखक संघ के महासचिव डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जलियांवाला बाग साका को समर्पित इस संगोष्ठी के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों ‘हम जो तारीक़ राहों में मारे गए’, ‘रल्या ख़ून हिंदू मुसलमान ऐथे’, ‘बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे’, व ‘आओ कि कोई ख़्वाब बुनें’ में प्रतिरोध की संरचना को चिह्नित करते हुए देश के नामचीन प्रगतिशील लेखकों, चिंतकों व बुद्धिजीवियों द्वारा चर्चा प्रस्तुत की जाएगी। इस संगोष्ठी के अंतर्गत आयोजित नाटक मंचन के सत्र में प्रख्यात नाटककार, रंगकर्मी एवं निदेशक केवल धालीवाल द्वारा ‘ख़ूनी वैसाखी’ नाटक का मंचन किया जाएगा और कविता पाठ के सत्र में देश के प्रख्यात कवियों द्वारा कविताओं की प्रस्तुति की जाएगी। प्रगतिशील लेखक संघ, सिरसा के अध्यक्ष रमेश शास्त्री, सचिव सुरजीत सिरड़ी व प्रख्यात लेखक प्रो. हरभगवान चावला के नेतृत्व में सिरसा के प्रगतिशील लेखक इस संगोष्ठी में भाग लेंगे। हरियाणा प्रलेस के महासचिव डा. हरविंदर सिंह ने बताया कि जहां इस संगोष्ठी में देश भर के प्रगतिशील लेखक, चिंतक, बुद्धिजीवी एवं कलाकार भारी संख्या में शामिल होंगे वहीं हरियाणा प्रलेस के संरक्षक का. स्वर्ण सिंह विर्क, डा. रतन सिंह ढिल्लों व महासचिव डा. हरविंदर सिंह के नेतृत्व में सिरसा समेत हरियाणा प्रान्त के प्रगतिशील लेखकों, चिंतकों व बुद्धिजीवियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल इस ऐतिहासिक राष्ट्रीय संगोष्ठी में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज़ करवाएगा।

