Home News Point हिंदी हमारी संस्कृति व सभ्यता की संवाहिका है। रसखान ने छछिया भर छाछ पिला कर पाला, :- हिन्दी प्रवक्ता शन्नो आर्य हिंदी तुम वही तो हो ,जिस पर रहीम ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर डाला:-

हिंदी हमारी संस्कृति व सभ्यता की संवाहिका है। रसखान ने छछिया भर छाछ पिला कर पाला, :- हिन्दी प्रवक्ता शन्नो आर्य हिंदी तुम वही तो हो ,जिस पर रहीम ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर डाला:-

5 second read
0
0
70

डबवाली
नगर की प्रमुख संस्था वरच्युस क्लब इंडिया की महिला विंग द्वारा स्थानीय अरोड़वंश आदर्श स्कूल के प्रांगण में हिंदी दिवस मनाया गया। इस मौके पर हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार के लिए उपमंडल डबवाली के विद्यालयों के विद्यार्थियों की बीच हिन्दी सुलेख प्रतियोगिता, नीलाम घर व विद्यार्थी कवि दरबार करवाया। इसमे विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।

क्लब सदस्य प्रिंसिपल माही ग्रोवर ने आए हुए हिन्दी प्रेमियों का स्वागत किया। हिंदी व्याकरण पर आधारित विशेष प्रश्नोतरी से ओत प्रोत नीलाम घर आकर्षण का केंद्र रहा। क्विज मास्टर की भूमिका नरेश शर्मा ने निभाई।

कार्यक्रम में विशेष तौर पर सिरसा से पहुंचे बाल कविता के प्रमुख साहित्यकार जनाब हरीश सेठी झिलमिल ने कहा कि.. हिंदी है भारत की पहचान, देश की आन बान और शान, तुलसी, सूर, मीरा की जान

साहित्य में प्रसाद, रसखान, इसमें है कला और विज्ञान, अलंकार, रस, छंद विधान
बनी अंतरजाल की भाषा, हृदय इसका विशाल है, भूत,वर्तमान ,भविष्य
तीन इसमें काल हैं, बहुत सुंदर है हिंदी भाषा, भारत की है राजभाषा।


वहीं, हिन्दी प्रवक्ता शन्नो आर्य ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति व सभ्यता की संवाहिका है। उन्होंने कहा कि…
रसखान ने छछिया भर छाछ पिला कर पाला, हिंदी तुम वही तो हो ,जिस पर रहीम ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर डाला, हिंदी तुम वही तो हो तुलसी ने मानस में बिठा प्रारूप रचा , हिंदी तुम वही तो हो जिसे श्रृंगारते समय सूर की अंधी आंखों से कुछ न बचा। हृदय की कोई भाषा नहीं होती , हृदय हृदय से बातचीत करता है, हिंदी ह्रदय की भाषा है।
इस अवसर पर निर्णायक की भूमिका डॉ निर्मल नागपाल, मधु कोचर व रिपुदमन शर्मा ने निभाई। सुलेख प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल की सिमरन प्रथम, डीएवी स्कूल की अन्विता द्वितीय एवं राजकीय माडल संस्कृति की अवनीत तृतीय स्थान पर रही। वरिष्ठ वर्ग में प्रथम अंतरिक्ष बाल मंदिर स्कूल, द्वितीय डिम्पल राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल एवं तृतीय तमन्ना किड्स किंगडम स्कूल और खुश्मिन नवप्रगति स्कूल ने पाया। विद्यार्थियों ने भी कवियों के रूप में हिन्दी भाषा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों व देशभक्ति से ओतप्रोत कविता सुना कर समा बांध दिया।
इस अवसर पर डॉ निर्मल नागपाल ने संबोधन में कहा कि क्लब मानवता के सेवा हेतु जो कार्य पिछले 39 वर्ष से कर रहा है उसी कड़ी में महिला विंग भी भविष्य में नए आयाम स्थापित करके महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल व योग के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर कार्य करेगा। क्लब के प्रधान मनोज शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि क्लब संस्थापक केशव शर्मा के मार्गदर्शन में संस्था सदस्य बेहतरीन तरीके से कार्य कर रहे हैं और सामाजिक प्रकल्प लगाए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ओम प्रकाश सचदेवा ने कहा कि हिंदी माथे की बिंदी है आओ इसका सम्मान करें। भाषा अभिव्यक्ति का एक माध्यम है, एक भाव है, श्रद्धा है व भारत की पहचान है। बच्चो के बीच ऐसे कार्यक्रम होने चाहिये ताकि वो देश की संस्कृति को समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख शिक्षाविद् व क्लब सलाहकार स्व. आत्मा राम अरोड़ा को भी याद किया गया। इस अवसर पर गुरदीप कामरा, आराधना मित्तल, संजीव शाद, सोनू बजाज, परमजीत कोचर, अभय सूर्या, डॉ बीर चन्द गुप्ता, सन्तोष शर्मा , प्रेम सिंह सेठी, सरदार शाम सिंह सेठी, अशोक मदान, सुमित अनेजा, प्रणव ग्रोवर व प्रवीन मोगा आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

प्रति-संस्कृति का सृजन ही भगत सिंह – गुरशरण सिंह को नमन: कुलदीप सिरसा

भगत सिंह विचार…