Home News Point भाषाओं से प्रेम करना सीखें, प्रेम दर्शन का विषय है, प्रदर्शन का नहीं” – भारती

भाषाओं से प्रेम करना सीखें, प्रेम दर्शन का विषय है, प्रदर्शन का नहीं” – भारती

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एन पी एस मंडी डब्वाली  ने मनाया हिन्दी दिवस
राष्ट्र भाषा हिन्दी का सम्मान और उसके अस्तित्व को बनाए रखने के लिए आज नव प्रगति सी.सै. स्कूल डबवाली के प्रागंण में हिदी दिवस बड़ी हर्षोल्लास से मनाया गया। बच्चों में हिन्दी सुलेख, वक्तव्य व कविताओं की प्रतियोगिताएं करवाई गई।

छात्रा प्रभजीत ने अपने वक्तव्य के माध्यम से बताया कि अब हिन्दी भाषा अपने सरल स्वरूप में ढलकर , सोशल मीडिया के युग में इन्टरनेट की भाषा बन रही है , नैट पर हिन्दी की साईटस बढ़ रहीं हैं और इस तरह साईटस पर जाने वाले पाठकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। हम सभी भारतीय राष्ट्र भक्त हैं। राष्ट्र प्रेम व देशभक्ति हमारा प्रथम धर्म है।


इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य चन्द्रकान्ता ने कहा कि “हिन्दी की नई पीढ़ी बहुत सक्षम है, उसके पास इसे पढ़ने लिखने व बोलने के अनेकों साधन हैं , क्योंकि उसे पूरे विश्व को व्यापक रूप से देखने का अवसर मिला है, हिन्दी केवल अब भारत में नहीं देशों विदेशों की भाषा बन चुकी है। हिंदी का हृदय बहुत विशाल है इसमें अन्य भाषाओं के शब्दों को समाहित करने की क्षमता है”


इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप निदेशक भारती जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि 10 नवम्बर 1948 को स्टीयरिंग कमेटी ने संविधान को जब हिन्दी में तैयार कर लिया तो राजभाषा पर आकर पेंच अटक गया, इस समय प्रचलित भाषाओं में संस्कृत, प्राकृतिक, अपभ्रंश खड़ी बोली के इलावा हिन्दुस्तानी भाषा का बोलबाला था, इन सब की लिपी देवनागरी थी, हिन्दी को राजभाषा का दर्ज़ा दिलवाने के लिए एक संघर्ष कमेटी बनाई गई, जिसके अथक प्रयासों से हिन्दी को 14 सितम्बर 1949 को राजभाषा का दर्जा मिला , भाषा कोई भी हो हर भाषा को सीखना चाहिए और सम्मान करना चाहिए परन्तु अपनी मातृभाषा को कभी भूलना नहीं चाहिए क्योंकि भाषा अभिव्यक्ति का साधन है किसी व्यक्ति की परिभाषा का नहीं , किसी जमाने में टॉप टैन अखबारों में अंग्रेजी अखबारों का वर्चस्व होता था। आज हिन्दी के अखबारों ने लोगों के हृदयों में अपना स्थान पा लिया है , इसी लिए मल्टी नेशनल कम्पनियां भी अब अपने विज्ञापन हिंदी में देने लगी हैं, हिन्दी का विशाल पाठकवर्ग हिन्दी की सबसे बड़ी पूंजी है , जितना वह इसका निवेश कर रहा है वह उस से दुगना विकास कर रही है।”
इस अवसर पर प्रतियोगिताओं की प्रमुख बलजिन्दर कौर ने हिन्दी भाषा पर अपने विचार रखे व प्रतियोगिताओं की रूप रेखा बताकर प्रतिभागियों को नियम बताए बताकर प्रतियोगिता सम्पन्न करवाई ।
छात्रा रचना देवी की कविता” हिन्दुस्तान तो रहेगा पर पाकिस्तान नहीं होगा”पर प्रथम व नीतू रानी को “सम्भल कर हौले -2, हिन्दी दिवस पर इक नेता जी बोले ” कविता पर द्वितीय व वंदना को तृतीय स्थान मिला, सुलेख प्रतियोगिता का स्थान इस प्रकार रहा।
कक्षा प्रथम से तृतीय वर्ग में हरलीन कौर – प्रथम , खुशप्रीत कौर – द्वितीय, अंश – तृतीय, सीरत कौर -सांत्वना पुरस्कार
इस तरह चतुर्थ से सप्तम कनिष्ठ वर्ग में विपनदीप कौर प्रथम ,परिसीरत कौर द्वितीय , मनदीप कौर तृतीय , हरलीन कौर सांत्वना पुरस्कार
आठवीं से बारहवीं वरिष्ठ वर्ग में प्रीत कौर प्रथम, जस्सू द्वितीय, खुशदीप कौर तृतीय , निहारिका सांत्वना पुरस्कार
मिला मंच संचालन छात्रा प्रिया ने हिन्दी के मुहावरे व लकोकितयो से शानदार तरीके से किया।

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