Home News Point साध्वी कालिंदी भारती जी ने तीसरे दिन में *कर्माबाई का खिचड़ो* प्रसंग सुनाया।

साध्वी कालिंदी भारती जी ने तीसरे दिन में *कर्माबाई का खिचड़ो* प्रसंग सुनाया।

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दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा कम्यूनिटी हॉल,नजदीक गौशाला ,मंडी डबवाली में आयोजित पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा के *तीसरे दिन* की शुरुवात श्री ओंकार गोयल उनकी धर्म पत्नी,बलवंत तायल उनकी धर्म पत्नी
राजकुमार नेकी (नेकी कलाथ स्टोर) उनकी धर्म पत्नी,प्रदीप ग्रोवर उनकी धर्म पत्नी जी द्वारा प्रभु का पूजन और ज्योति प्रज्वलित कर की गई।


इस अवसर पर सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की परम शिष्या साध्वी कालिंदी भारती जी ने तीसरे दिन में *कर्माबाई का खिचड़ो* प्रसंग सुनाया। उसके पावन भाव से भगवान अपने आपको रोक नहीं पाए और उनके पास प्रकट हो जाते हैं ।कर्माबाई रोज खिचड़ी बनाती और भगवान को भोग लगाती लेकिन एक दिन कर्मकांडी संत उनके पास आते हैं। उन्हें कहते हैं कि अगर आप नहाकर खिचड़ी बनाओगी तभी प्रभु उसे भोग लगाएंगे। लेकिन कर्माबाई जी के जीवन में यह नियम नहीं था उनको ये रहता था, कि मैंने सुबह उठकर बस भगवान के लिए खाना बनाना है और भोग लगाना है। बिना नहाए वे खाना बनाती और प्रभु को भोग लगाती ।उस कर्मकांडी संत के कहने पर वो पहले नहाने लग जाती हैं और भोग लेट हो जाता है ।तब भगवान श्रीकृष्ण प्रकट होकर कहते हैं, उन्हें किसी कर्मकांड की ज़रुरत नहीं बस आपके भाव की ज़रुरत है और बाल रूप में प्रकट होकर कहते हैं कि करमा माई मुझे जल्दी खिचड़ी दे दो । भक्त के यही भाव होते हैं जिन पर भगवान रीझ जाता है। युगों से ऐसा ही होता आ रहा है । भक्त जो भी भावों से भेजते हैं प्रभु उसे ग्रहण करते हैं।जैसे कर्मा बाई अपने भावों से कर्मा माई बन गई ।उन्होंने बताया कि यह मानव देह कल्याणकारी है जो हमें ईश्वर से मिलाती है।

यह मिलन ही उत्थान है। राजा परीक्षित जीवात्मा का प्रतीक है। जिसका लक्ष्य मोह, आसक्ति के बंधनों को तोड़ उस परम तत्त्व से मिलना है ।यूं तो ऐसी कई गाथायें, कथाएँ अनेकों व्रत एवं त्योहारों पर भी हम श्रवण करते हैं ।लेकिन कथा को श्रवण करने या पढ़ने मात्र से कल्याण नहीं होता ।अर्थात जब तक इनसे प्राप्त होने वाली शिक्षा को हम अपने जीवन में चरितार्थ नहीं कर लेते तब तक कल्याण संभव नहीं।


आज कथा दौरान मुख्य अथिति
नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा, शामलाल जिन्दल (अमर नाथ जिंदल एंड कंपनी) सरदार गुरकीरत सिंह ए पी फॉर्म,विजय वधवा जिला महामंत्री भाजपा, अक्षय शर्मा और उनकी धर्म पत्नी अमन शर्मा, पवन गर्ग शहर कांग्रेस प्रधान , बहन बी .के शर्मा ब्रह्मकुमारी, वंदना मितल अध्यक्ष अग्रवाल महिला मण्डल,डॉ पी.आर. गोयल, डॉ राकेश, डॉ संगीता, डॉ रमेश हडियावाले, डॉ रेखा बिडलान , डॉ डी .डी सचदेवा, डॉ ललित सचदेवा, डॉ अश्वनी बत्रा हॉस्पिटल, डॉ देवेन्द्र सिंह, डॉ अमनदीप PHC गंगा इंचार्ज, डॉ अश्वनी सचदेवा, राधेश्याम चलाना एडवोकेट, ओम प्रकाश सिंगला, कृष्ण कुमार गर्ग भठेवाले,ने ज्योति प्रज्वलित करने की रसम को अदा किया।
कथा का समापन प्रभु की पावन आरती से हुआ

जिसमें पीरखाना सेवा समिति,प्रधान ओंकार गोयल ,नवनीत गुप्ता उनके धर्म पत्नी सपरिवार चाडीगढ़ से, पवन कुमार बांसल एम सी , दरिया सिंह, सुरेश जिन्दल प्रधान अग्रवाल सभा शामिल हुए।

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