महाराणा प्रताप महिला महाविद्यालय में आज प्राचार्या डॉ. वनिता गुप्ता जी के मार्गदर्शन में पर्यावरण प्रकोष्ठ द्वारा ‘पर्यावरण के मुद्दे’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता स्वयं प्राचार्या डॉ. वनिता गुप्ता जी थीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान की शुरुआत श्री गुरु नानक देव जी की दूरदर्शी वाणी “पवनु गुरु पानी पिता माता धरति महतु” से की। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी ने सदियों पहले ही पवन (हवा) को गुरु, पानी को पिता और पृथ्वी को माता के समान महत्व दिया था।

प्राचार्या महोदया ने बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार हम अपने गुरु, माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार हमें प्रकृति का भी आदर और सम्मान करना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को अपने प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी न करने और वायु तथा जल को प्रदूषित न करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से प्राचार्या जी ने सभी छात्राओं से पर्यावरण सरंक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण आव्हान किया उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को एक पोधा लगाना चाहिए और उसकी देखभाल तब तक करनी चाहिए जब तक कि वह पूर्ण वृक्ष न बन जाए |उन्होंने कहा कि यह केवल एक गतिविधि नही, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी हैं उन्होंने पृथ्वी को भी संभाल कर रखने का आह्वान किया और साथ ही डिस्पोजेबल वस्तुओं के उपयोग को पर्यावरण के लिए हानिकारक बताया।
डॉ. गुप्ता ने पराली जलाने की घटनाओं में आई कमी की सराहना की, लेकिन अभी भी हो रही ऐसी घटनाओं की निंदा भी की और सभी से पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन पर्यावरण प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. सुमन पाहूजा और डॉ. उषा के द्वारा किया गया।

