Home News Point रचनात्मकता का हथियार हर चुनौती में कारगर: डा. मनोज छाबड़ा

रचनात्मकता का हथियार हर चुनौती में कारगर: डा. मनोज छाबड़ा

2 second read
0
0
51

 

ज़िंदगी की ज़िद्द के आगे हर विपदा निरर्थक: प्राचार्य प्रो. हरजिंदर सिंह

जीएनसी सिरसा में लैंगिक संवेदन व्याख्यान श्रृंखला हुई सफ़लतापूर्वक संपन्न
सिरसा: 20 फरवरी:
राजकीय नैशनल महाविद्यालय, सिरसा में प्राचार्य प्रो. हरजिंदर सिंह के संरक्षण व महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डा. मीत के संयोजन में गत बीस दिनों से जारी बहुविषयक लैंगिक व्याख्यान श्रृंखला सफ़लतापूर्वक संपन्न हुई। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस शृंखला के अंतिम दिन महिला प्रकोष्ठ एवं अंग्रेजी विषय परिषद प्रभारी डा. मीत व हिंदी विषय परिषद प्रभारी डा. कर्मजीत कौर के संयुक्त संयोजन और प्राचार्य प्रो. हरजिंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुए इस विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम में एससीएडी पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चमारखेड़ा, हिसार के प्राचार्य, प्रख्यात शायर एवं चित्रकार डा. मनोज छाबड़ा ने विस्तार व्याख्याता के तौर पर शिरकत की। डा. मनोज छाबड़ा ने ‘विकलांगता: महिलाओं के लिए जीवित रहने का दोहरा संघर्ष’ व ‘विकलांगता की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए रचनात्मकता एक हथियार के रूप में’ विषयों पर विचारोत्तेजक एवं भावपूर्ण व्याख्यानों की सुरुचिपूर्ण प्रस्तुति दी। उन्होंने विशेष योग्यता धारण व्यक्तियों विशेषतः महिलाओं को जीवित रहने हेतु दरपेश मुश्किलों से रूबरू करवाते हुए उनकी लग्न, परिश्रम और जिजीविषा को जीवंतता प्रदान कर उपस्थिजन में उनके प्रति सम्मान एवं संवेदना की भावना को जागृत किया। उन्होंने कहा कि सृजनात्मकता एवं रचनात्मकता के साथ जुड़कर बड़ी से बड़ी विपदाओं पर जीत हासिल की जा सकती है। उन्होंने अपने काव्य-संग्रह ‘व्हीलचेयर’ के हवाले से उपस्थितजन में इस विषय विशेष के प्रति संवेदनात्मक नज़र एवं नज़रिए का प्रतिपादन किया। इस अवसर पर अंग्रेजी विषय परिषद के अध्यक्ष विनोद ने ‘व्हीलचेयर’ काव्य-संग्रह से ‘अधूरे नहीं हैं हम’ व ‘कोशिश’ कविताओं की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. हरजिंदर सिंह ने अपने व्यक्तिगत जीवन अनुभवों को सांझा करते हुए उपस्थितजन को अपनी जीवन शैली के बहुत से सुलझे-अनसुलझे पक्षों से विस्तारपूर्वक अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि ज़िंदगी की जिद्द के आगे कोई भी विपत्ति मायने नहीं रखती। उन्होंने लैंगिक संवेदन पर आधरित व्याख्यान श्रृंखला के इस महत्त्वपूर्ण, भावपूर्ण एवं प्रेरणाप्रद आयोजन हेतु महिला प्रकोष्ठ को साधुवाद देते हुए इनकी निरंतरता को बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डा. कर्मजीत कौर ने किया। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डा. मीत ने इस आयोजन में सहयोग प्रदत्त करने वाले सभी स्टाफ़ सदस्यों व उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डा. नवीन मक्कड़, डा. मंजू मेहता, डा. शोभा, डा. दीपावली, डा. सरोज बाला, नीरू, जितेंद्र, कुलदीप अरोड़ा, अंग्रेजी विषय परिषद के अध्यक्ष विनोद, सचिव प्रीति इत्यादि के अलावा विद्यार्थियों ने विशाल संख्या में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज़ करवाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

एपेक्स लेडीज क्लब का ‘पक्षी मित्र अभियान’ – संवेदनशील पहल

एपेक्स लेडीज क्लब का ‘पक्षी मित्र अभियान’ – संवेदनशील पहल भीषण गर्मी के इस दौर में, जब धरत…