Home News Point शिक्षा में विचारकों की भूमिका और विद्यार्थियों से बेहतर विचारक कोई नहीं विषय पर खुल कर बोले मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य रमेश सचदेवा

शिक्षा में विचारकों की भूमिका और विद्यार्थियों से बेहतर विचारक कोई नहीं विषय पर खुल कर बोले मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य रमेश सचदेवा

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गुरु नानक कॉलेज किलियांवाली में राजनीति शास्त्र विभाग की थिंकर सोसाइटी द्वारा आज लौह पुरुष सरदार पटेल की जन्म जयंती को समर्पित राष्ट्रीय एकता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया ।इस अवसर पर आयोजित किए गए सोसाइटी के वार्षिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कॉलेज के भूतपूर्व छात्र,प्रसिद्ध शिक्षाविद्, देश- विदेश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरुस्कृत ,मोटिवेशनल स्पीकर, उत्कृष्ट मंच संचालक एचपीएस शेरगढ़ के डायरेक्टर एवं प्रिंसिपल आचार्य रमेश सचदेवा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए ।

कॉलेज सेमिनार हॉल में उनका अभिनंदन करते हुए,विद्यार्थियों के सम्मुख उनका परिचय प्रस्तुत करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. अमित बहल ने थिंकर सोसाइटी की स्थापना,उद्देश्यों और प्रकल्पों के ऊपर रोशनी डाली। तत्पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण करके उनके भारत को एकीकृत करने के विलक्षण प्रयासों को इंगित करते हुए आचार्य रमेश सचदेवा विद्यार्थियों के सम्मुख मंच पर उपस्थित हुए। उनके बोलने का मुख्य विषय था- *शिक्षा में विचारकों की भूमिका और विद्यार्थियों से बेहतर विचारक कोई नहीं अपने व्याख्यान का आरंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रेरक जीवन प्रसंगों की चर्चा से करते हुए उन्होंने सरदार पटेल से पांच बातें सीखने का आह्वान किया । पहली बात बड़ा दिल रखिए,दूसरा उत्तरदायी बनें सबसे पहले अपने लिए फिर सबके लिए , तीसरा अपने से बड़ों की इज्जत कीजिए, चौथा मुश्किल समय में मंजिल तक पहुंचना सुनिश्चित कीजिए और पांचवा कर्तव्यनिष्ठा का पालन कीजिए। सरदार पटेल ने अपने से पहले देश को रखा , अपने से पहले अपनों को रखा , अपने परिवार से पहले अपने काम को रखा ।उनका ध्येय -वाक्य था कि कठिन समय में कायर बहाना ढूंढते हैं, बहादुर व्यक्ति रास्ता ढूंढते हैं। दुश्मन का लोहा भले ही गर्म हो लेकिन हथौड़े को तो ठंडा रहकर ही अपना कार्य करना है। विद्यार्थी सबसे बड़े चिंतक होते हैं, उनमें कल्पना ,विश्लेषण और मूल्यांकन की असीम शक्ति होती है ,वे ही बेहतरीन चिंतक बनकर सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर देश व समाज की समस्याओं के समाधान के काबिल बन सकते हैं ।

आचार्य सचदेवा के व्याख्यान के पश्चात थिंकर सोसाइटी की नवनियुक्त अध्यक्ष बी.ए. तृतीय की अर्चना, उपाध्यक्ष बी. ए. द्वितीय की संतोष एवं सचिव बी.ए. प्रथम की छात्रा गुरविंदर को बैजेस पहनाए गए, गत माह हुई निबंध लेखन प्रतियोगिता में विजेता रहने वाले विद्यार्थियों रीमा (प्रथम), संतोष (द्वितीय) व भावना (तृतीय) को पदक देकर सम्मानित किया गया ।कालेज प्रधानाचार्य डॉ सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का बिस्मार्क बताते हुए विद्यार्थियों को उनके चिंतन – दर्शन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उनके अनुसार प्रत्येक चिंतक अपने समय और परिस्थितियों की देन होता है । समयकाल और स्थितियों की भट्टी में तप कर ही प्रासंगिक चिंतक व चिंतन सामने आ पाता है । उन्होंने आचार्य जी का आज के कार्यक्रम में पहुंचने पर हार्दिक धन्यवाद किया व थिंकर सोसाइटी की तरफ से श्री सचदेवा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलवाई गई। इस अवसर पर बी.ए. के सभी राजनीतिक शास्त्र विषय के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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