Home News Point भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सिरसा के क्रांतिवीरों का योगदान अविस्मरणीय: डा. के के डूडी

भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सिरसा के क्रांतिवीरों का योगदान अविस्मरणीय: डा. के के डूडी

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युवा शक्ति को ही लेनी होगी देश के नवनिर्माण की ज़िम्मेवारी: प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा


भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान अंग्रेज़ों के ज़ुल्मों-सितम से लड़ने के लिए सिरसा जिला के क्रांतिवीरों का योगदान अहम रहा है। सिरसा के क्रांतिवीरों ने न केवल युद्ध के मैदान में अंग्रेज़ों को शिकस्त दी बल्कि बुद्धि के मामले में भी करारा ज़वाब दिया। यह विचार आज़ादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सिरसा का योगदान विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में महाविद्यालय के सेवानिवृत्त इतिहास विभागाध्यक्ष डा. के के डूडी ने मुख्य वक्ता के तौर पर अपने संबोधन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि 14 मई से 20 जून 1857 तक सिरसा 39 दिन तक अंग्रेज़ी शासन से मुक्त रहा। डा. के के डूडी ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सिरसा के क्रांतिवीरों के योगदान को अविस्मरणीय बताया। महाविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. हरविंदर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय में आज़ादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला के आयोजन हेतु सांस्कृतिक समिति संयोजक डा. यादविंदर सिंह के संयोजन में सदस्यों डा. हरविंदर सिंह, प्रो. विक्रमजीत सिंह व प्रो. शिवानी पर आधारित गठित समिति के निर्देशन में आयोजित इस विचार गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने की। विचार गोष्ठी का शुभारंभ डा. यादविंदर सिंह के सान्निध्य में संगीत विभाग की छात्राओं कशिश खट्टर, कीर्ति सोनी, मनीषा, पूजा व खुशबू द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति से हुआ। विचार गोष्ठी में महाविद्यालय की छात्रा कीर्ति सोनी ने आज़ादी का अमृत महोत्सव विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं को क्रांतिवीरों के सपनों के भारत निर्माण में अपनी आहुति डालने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. राम कुमार जांगड़ा ने स्वाधीनता संग्राम के जाने अनजाने क्रांतिवीरों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए युवाओं को देश के नवनिर्माण हेतु अपनी बनती भूमिका के निर्धारण एवं निर्वहन हेतु आह्वान किया। महाविद्यालय के स्टाफ सचिव डा. हरविंदर सिंह ने मुख्य वक्ता एवं अन्य उपस्थितजन के प्रति महाविद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया। विचार गोष्ठी का संचालन इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. विक्रमजीत सिंह ने किया। विचार गोष्ठी में प्रो. यशपाल रोज, प्रो. संदीप झोरड़, डा. सतपाल बेनीवाल, प्रो. निर्मला, प्रो. कपिल कुमार सैनी, प्रो. सविता दहिया, प्रो. किरण, प्रो. अनु, पूजा सचदेवा इत्यादि ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज़ करवाई। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय के सेवादार सोहन सिंह द्वारा देश भक्ति से ओतप्रोत गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुआ।

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