Home updates प्रति-संस्कृति का सृजन ही भगत सिंह – गुरशरण सिंह को नमन: कुलदीप सिरसा

प्रति-संस्कृति का सृजन ही भगत सिंह – गुरशरण सिंह को नमन: कुलदीप सिरसा

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भगत सिंह विचारधारा चिंतन के प्रति प्रतिबद्ध: डा. हरविंदर सिंह
भगत सिंह जयंती पर जीसीडब्ल्यू सिरसा में हुआ आयोजन
सिरसा: 29 सितंबर:


मौजूदा परिवेश में जहां बाज़ारवाद व उपभोक्ता संस्कृति ने जनपक्षीय संस्कृति को गंधला दिया है वहां युवा वर्ग को दिशा विहीन करने के कुत्सित प्रयास भी जारी हैं; ऐसे में प्रति-संस्कृति का सृजन करते हुए जनपक्षीय संस्कृति को प्रोत्साहित करना ही शहीद-ए आज़म भगत सिंह व समाजवादी लेखक-चिंतक गुरशरण सिंह सरीखे समाजशास्त्रियों के प्रति नमन होगा और यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजली होगी। यह विचार शहीद निशान सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भावदीन के पंजाबी अध्यापक, प्रबुद्ध चिंतक, प्रगतिशील गीतकार एवं गायक कुलदीप सिरसा ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के जन्मदिवस एवं प्रख्यात प्रगतिवादी नाटककार एवं रंगकर्मी गुरशरण सिंह की बरसी के उपलक्ष्य में ‘भगत सिंह विचारधारा, समकाल एवं प्रति-संस्कृति का सृजन’ विषय पर पंजाबी साहित सभा के तत्वावधान में राजकीय महिला महाविद्यालय, सिरसा में आयोजित विस्तार व्याख्यान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर अपने संबोधन में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि हम युवा वर्ग को सही मार्ग प्रशस्त कर ही शहीदों के सपनों के समाज निर्माण की ओर अग्रसर हो सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंजाबी विभागाध्यक्ष एवं पंजाबी साहित सभा के संयोजक डा. हरविंदर सिंह ने कहा कि युवा वर्ग और आमजन के बौद्धिक पक्ष के उत्थान के पक्षधर भगत सिंह का आदर्श वाक्य यही है कि इन्कलाब की धार विचारों की सान पर तेज़ होती है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह विचारधारा अध्ययन, चिंतन एवं मनन के प्रति प्रतिबद्धता की प्रेरणा प्रदान करती है। आज़ादी को अपनी विरासत, समाजवाद के लिए संघर्ष को अपनी सियासत व क्रांति को अपनी इबादत स्वीकार करने वाले विश्वविख्यात रंगकर्मी गुरशरण सिंह का स्मरण करते हुए डा. हरविंदर सिंह ने कहा कि भगत सिंह व गुरशरण सिंह सरीखे समाजशास्त्रियों की विचारधारा का अनुसरण करते हुए ही सुखद एवं सफ़ल भविष्य की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है। इस अवसर पर कुलदीप सिरसा ने शहीद भगत सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित व प्रगतिशील सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करने वाले गीतों की ख़ूबसूरत एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन पंजाबी सहित सभा की अध्यक्ष सिमरन व सचिव मुस्कान वोहरा ने किया। इस अवसर पर कुलदीप सिरसा की सुपुत्री गौरवदीप, सुपुत्र जयवीर, प्रो. सविता दहिया, सुमित शर्मा, पंजाबी साहित सभा की उपाध्यक्ष सुनीता, सह-सचिव मुस्कान, वित्त-सचिव सिमरन वोहरा, संगठन सचिव अमनदीप के अलावा महाविद्यालय की छात्राओं ने विशाल संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करवाई। कार्यक्रम का समापन सोहन सिंह सेवादार द्वारा भगत सिंह के जीवन पर आधारित एक भावपूर्ण गीत की शानदार प्रस्तुति से हुआ।

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