Home updates नृत्य करते समय इंसान वर्तमान में होता है और खुशी चेहरे पर झलकती है पांव धरती पर थिरकते हैं

नृत्य करते समय इंसान वर्तमान में होता है और खुशी चेहरे पर झलकती है पांव धरती पर थिरकते हैं

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शहर की अग्रणी समाजिक संस्था virtuous क्लब इंडिया ने पंजाबी परम्परागत लोक नृत्य भंगड़ा ,लुडी व धमाल के प्रति बच्चों में रूचि उत्पन्न करने हेतु पंजाब फोक आर्ट सेंटर गुरदासपुर के सौजन्य से 10 दिवसीय भंगड़ा वर्कशॉप का शुभारंभ स्थानीय राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्रांगण में किया ।।

पहले दिन 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और भंगड़ा वर्कशॉप का शुभारंभ करते हुए समाजसेवी जतिंदर सेठी जीतू ने कहा कि हमारे परम्परागत लोक नृत्य हमारी विरासत के अमूल्य धरोहर है। नृत्य करते समय इंसान वर्तमान में होता है और खुशी चेहरे पर झलकती है।। पांव धरती पर थिरकते हैं ।। कार्यक्रम अध्यक्ष जतिंदर शर्मा पूर्व ncc ऑफिसर ने कहा कि सीखने की प्रतिकिया इंसान में उम्र भर चलती रहती है । नृत्य इबादत की अहम कड़ी है और हमारी परम्परागत वेशभूषा , भाषएँ हमारे रीती रिवाज में सिमटी हुई हैं।। प्रधान नरेश शर्मा ने कहा कि कोई भी कला गुरु शिष्य परम्परा के अंतर्गत ही सीखी जा सकती है । वर्तमान दौर में खेल,कला संस्कृति में भाग लेने वाला इंसान का चहुमुखी विकास होता है ।। स्कूल इंचार्ज प्रदीप जांगड़ा ने कहा कि जिस आंगन में ढोल नगाड़े बजते हैं वहां नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है ।। क्लब pro सोनू बजाज ने सभी का धन्यवाद किया ।। भंगड़ा कोच विशाल व उनकी टीम बच्चों को भंगड़ा सिखाएगी ।।

इस अवसर पर वेद भारती, क्लब सचिव हरदेव गोरखी, कॉर्डिनेटर संजीव शाद उपस्थित थे ।।

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