Home updates जल स्टार रमेश गोयल ने विवेकानन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा में 2000 से अधिक विद्यार्थीयों को जल की कमी के कारण व बर्बादी के विषय में बताते हुए बचत के छोटे छोटे उपायों की जानकारी दी

जल स्टार रमेश गोयल ने विवेकानन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा में 2000 से अधिक विद्यार्थीयों को जल की कमी के कारण व बर्बादी के विषय में बताते हुए बचत के छोटे छोटे उपायों की जानकारी दी

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भारत विकास परिषद् शाखा सिरसा के तत्वावधान में पर्यावरण प्रकल्प अधीन आयोजित जल संरक्षण जागरूकता अभियान में पूर्व राष्ट्रीय मंत्री पर्यावरण जल स्टार रमेश गोयल ने विवेकानन्द वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसा में 2000 से अधिक विद्यार्थीयों को जल की कमी के कारण व बर्बादी के विषय में बताते हुए बचत के छोटे छोटे उपायों की जानकारी दी।

प्रधानमन्त्री श्री मोदी जी के इस निर्देश वर्षा जल जहां भी गिरे जब भी गिरे उसे संग्रहित करें पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्षाजल को सामान्य व्यक्ति कैसे संग्रहित करे। उन्हांेने बताया कि छत के पानी को ड्रम, बड़े बर्तन या भूमिगत टंकी में संग्रहित किया जा सकता है। हर घर में टब, बाल्टी, टोकनी, तसला आदि वर्षा के समय खुल्ले स्थान पर रखकर भी वर्षाजल संग्रहित किया जा सकता है। इस प्रकार थोड़ा थोड़ा जमा किया गया पानी ही लाखों करोड़ों लीटर पानी बन जायेगा अन्यथा पानी किसी मिल या फैक्ट्री में नहीं बनाया जा सकता।
विद्यालय प्रधानाचार्या अनिता यादव व प्रबन्धक सर्वोतम शर्मा ने उनका अभिनन्दन किया तथा डायरेक्टर राम सिंह यादव ने उनका आभार प्रकट किया और बताया कि विद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है कि 14 वर्ष पूर्व श्री गोयल ने इसी विद्यालय से राष्ट्र व समाज की इस ज्वलंत समस्या हेतु जन जागरण अभियान आरम्भ किया था और आज राष्ट्रीय ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें मान्यता मिल रही है।
उल्लेखनीय है कि श्री गोयल 6 मई 2008 से निरन्तर जल संरक्षण अभियान में लगे हुए हैं। जल स्टार के नाम से देश भर में विख्यात श्री गोयल विगत 14 वर्षों से जल संरक्षण अभियान चला रहे हैं और प्रत्यक्ष सम्बोधन तथा रेडियो, टीवी, अखबार व सोशल मिडिया आदि के माध्यम से लगभग एक करोड़ लोगों को जल संरक्षण सन्देश देकर प्रेरित कर चुके हैं। जल संकट को लेकर आज पूरा विश्व समुदाय चिन्तित है। मानवीय लालसा के कारण भूजल का अन्धाधुन्ध दोहन तो किया गया परन्तु जल को वापिस धरती को लौटाया नहीं गया जिसके कारण भूजल स्तर गिरा और भीषण जल संकट पैदा हुआ। इस अवसर पर उपस्थित परिषद शाखा उपाध्यक्ष सुशील गुप्ता व विश्वबन्धु गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार जलशक्ति मन्त्रालय द्वारा देश भर से 2020 में लगभग 50 व्यक्ति वाटर हीरो पुरस्कृत किए गए थे और यह अति महत्वपूर्ण है कि हरियाणा से श्री गोयल अकेले जल संरक्षण कार्यकर्ता हैं जो इस सम्मान के लिए चुने गए। जल संरक्षण निमित्त 2012 में उनके द्वारा रचित जल चालीसा की अब तक 12 संस्करणों में 60000 प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं और कोरोना के कारण आगे प्रकाशन नहीं हुआ है। इंडिया बुक आफ रिकार्ड 2021 में तथा ओएमजी बुक आफ रिकार्ड 2021 में जल चालीसा की उपलब्धियों के लिए नाम सम्मिलित किया गया है। एशिया बुक आफ रिकार्ड द्वारा ‘‘ग्रैंड मास्टर’’ 2021 सूचि में नाम स्वीकृत किया गया है। जल चालीसा के विडियो का विमोचन उड़ीसा के राज्यपाल श्री गणेशी लाल ने 29.8.2018 को किया था।
‘‘बिन पानी सब सून‘‘ पुस्तक का विमोचन 8 मई, 2010 को हरियाणा के राज्यपाल श्री जगननाथ पहाडि.या द्वारा किया गया। 6000 पुस्तकें प्रकाशित व मुफ्त वितरित। 108 चौपाईयों में ‘‘बचाना होगा निश्चित जल‘‘ शीर्षक अधीन जल मनका लिखा है जिसमें जल बचत की अनिवार्यता व आवश्यकता तथा जल बचत कैसे करें, को काव्य रूप में बताया गया है, जनवरी 2022 में प्रकाशित हुआ है। ‘‘क्यों और कैसे बचाये जल’’ पुस्तक में जल बचत की अनिवार्यता व आवश्यकता के साथ-साथ छोटे छोटे उपायों से जल बचत कैसे कर सकते हैं, पर प्रकाश डाला गया है, प्रकाशनाधीन है। छोटे छोटे विडिओ क्लिप भी जन जागरण हेतु बनाये हैं। श्री गोयल के राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण सम्बन्धी निरन्तर कार्यों व उनके अनुभव का संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के माध्यम से अटल भूजल योजना हरियाणा के लिए उन्हें सलाहकार मनोनीत करके जहां उन्हंे सम्मान प्रदान किया है।

2022 में हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के प्रशिक्षण शिविरों में निरन्तर 8 बार अलग अलग जिलों के प्रधानाचार्यो व मुख्याध्यापकों को सम्बोधित किया। उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जल संसाधन समिति का एक मात्र बैर सरकारी सदस्य बनाया गया। अन्तर्राष्ट्रीय सामाजिक संस्था यूनिटी आफ नैशनल एक्शन फार कलाईमेट चेंज कौंसिल, जिसमें 85 देशों के लोग सदस्य हैं, द्वारा सतत विकास लक्ष्य वैश्विक प्रतिनिधि (ग्लोबल एस डीजी एम्बेसेडर) नियुक्त किया गया। विश्व जल दिवस 22 मार्च 2022 को अन्तर्राष्ट्रीय वैबनार कांफ्रेस, जिसमें भारत के प्रधानमन्त्री के जलवायु परिवर्तन सलाहकार श्रीकांत पाणिग्रही मुख्यअतिथि थे, में मुख्य वक्ता रहे श्री गोयल को संस्था ने एसडीजी 4 व एसडीजी6 के लिए डायरेक्टर मनोनीत किया और हरियाणा, देहली, हिमाचल प्रदेश व ओडिसा का प्रभारी बनाया है। वैश्विक स्तर पर संस्था में 155 निदेशक हैं। विश्वविद्यालय स्तर के अनेक कार्यक्रर्मो में मुख्यवक्ता रहे श्री गोयल अपने शेष जीवन को समाज व राष्ट्र को समर्पित करते हुए पर्यावरण एवं जल संरक्षण कार्य को जीवन का मिशन बनाए हुए हैं तथा तन मन धन से जन जागरण में लगे रहते हैं और अपने सहयोगियों, मिडिया कर्मियों व शुभचिन्तकों का आभार व्यक्त करते रहते है।

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