जिंदगी फ्रेम में जड़ी हुई
तस्वीर नही होती
ख्बाव और ख्याल
की दीवार पे.शायद रेंगती हुई चींटी जैसी है
ये बात अलग है चींटी कभी न कभी जिंदगी के बाद लटक जाती
याद की दीवार पे इक फ्रेम में जड़ कर……
अक्सर उस तस्वीर के लिए सुंदर से सुंदर फ्रेम खरीदती है …….कुछ चींटिया ……..shaad

