मित्रो अक्सर देखा है लोग लोगो से मिल कर सिर्फ अफ़सोस ही करते है लेकिन जिंदगी के कुछ और ही अर्थ होते है सिर्फ रोटी कपड़ा और मकान ही नहीं होता निशान जिंदगी का ….मगर हमें ना रहना आया ना रोटी खानी आई और ना मकान बनाने आये आपने ही हाथो से बनाये मकान रोटी और कपडे कम ही लोगो को पसंद आते है चेहरों पे मुस्कान नहीं हर पल कोई न कोई शिकवा होता है इसलिए जिंदगी के कुछ और ही अर्थ होते है और ही निशान होते है और वो है सिर्फ
आत्मिक शांति ।।
जो सिर्फ फकीरी में हो सकती है अमीरी में नहीं ……sanjiv shaad
रोटी कपड़ा और मकान…….
मित्रो अक्सर देखा है लोग लोगो से मिल कर सिर्फ अफ़सोस ही करते है लेकिन जिंदगी के कुछ और ही अर्थ होते है सिर्फ रोटी कपड़ा और मकान ही नहीं होता निशान जिंदगी का ….मगर हमें ना रहना आया ना रोटी खानी आई और ना मकान बनाने आये आपने ही हाथो से बनाये मकान रोटी और कपडे कम ही लोगो को पसंद आते है चेहरों पे मुस्कान नहीं हर पल कोई न कोई शिकवा होता है इसलिए जिंदगी के कुछ और ही अर्थ होते है और ही निशान होते है और वो है सिर्फ
आत्मिक शांति ।।
जो सिर्फ फकीरी में हो सकती है अमीरी में नहीं ……sanjiv shaad
Check Also
खेलकूद से पैदा होती है अनुशासन की भावना: डा. संदीप गोयल
जीएनसी सिरसा में नैशनल स्पोर्ट्स डे पर हुआ आयोजन सिरसा: 29 अगस्त: व्यक्तित्व के सर्वांगीण …

