जिंदा लोग ही जन्दगी क्या मतलब समझते होगे आज के दौर में जिंदगी क्या है क्या मतलब समझते हो कहा से बोल रहा हु धर्म है समाज है राजनीती है जातिया है वोट है नेता है आम आदमी भी है इस भीड़ में जिंदा दिखाई दे रहा है पक्ष विपक्ष रोज रात को डिनर के वक्त टी वी बताता है की देश अब वैसा नहीं रहा
और मै भी आपकी तरह परेशान ही रहता हु ये अलग बात है की लगता नहीं आप की तरह …………यार कुछ तो सोचो इन सब में जिंदा लोग जिंदगी को तलाश करते है ……… जिंदगी का मतलब निकलते है और ज़िन्दगी हर रोज नये मतलब दे देती है नये सवाल ……………पीढ़ी दर पीढ़ी उलझते रहो सुलझाते रहो और अपना सिर भीड़ में उठा के गर्व से कहो जिंदगी खुबसुरत है ……….
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