भारत सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्राउसर समेत 59 चाइनीज मोबाइल एप पर लगाया प्रतिबंध
गलवान हुई सैन्य हिंसा के बाद एक तरफ जहां सैन्य मोर्चे पर उसे करारा जवाब दिया गया तो वहीं आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार ने सख्ती दिखाई है। भारत सरकार ने 59 मोबाइल एप को प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें टिकटॉक, यूसी ब्राउसर और अन्य चाइनीज एप शामिल हैं।
आज मोबाइल हर किसी के हाथ मे है लोग अलग अलग ऐप इस्तेमाल कर रहे है मोबाइल भरे पड़े है बड़े तो बड़े छोटे बच्चे भी चिपके पड़े है कोई सल्फी ले रहा है कोई अपनी वीडयो अपलोड कर रहा बहुत से टेलेन्ट निकल कर बाहर आया लोग टिक टोक स्टार बन गए थे बड़े बड़े स्टार भी tik tok पर या अन्य एप्स पर आने लग गए थे पिछले कई वर्षों से ऐप्स की बहार आ गई है सब कुछ ऑनलाइन हो रहा था देश विदेश की सरहदों के आरपार सोशल मीडिया आपने प्रभाव में ले रहा है आम जन को लोग लगे है अपनी ही मस्ती सब की अपनी अपनी प्रोफाइल है कॉपी पेस्ट शैली भी है बचपन मे पढ़ा करते थे साइंस वरदान है या अभिशाप खेल का मैदान भी मोबाइल हो गया है घड़ी मोबाइल हो गया है मौसम मोबाइल हो गया है हमे पता ही नही चला हम कब निर्भर हो गए अब आत्मनिर्भर बनना है ये ऐप्स आई कैसे हमने यूज़ करना भी है या नही हमारे काम की है भी या नही
बहुत कुछ सोचना पड़ेगा सरकार के इस निर्णय का स्वागत भी हो रहा है और कुछ आलोचना भी क्या कहती है नैतिकता और हमारी जीवन शैली मानव के शरीर पर क्या प्रभाव है बच्चो में बढ़ रहा चिढ़ चिड़ा पन डिप्रेशन ओर आंखों की बीमारी जन्म ले रही है रेडियो tv जब चला था लोग इसे भी बुरा मानते थे लेकिन जब बड़े बजुर्ग आते तो इसे सम्मान स्वरूप लोग बन्द कर देते थे
आज घर मे जितने सदस्य है उतने मोबाइल है ऑनलाइन फैमली है अफसोस मोबाइल पर खुशी मोबाइल पर परन्तु सोचना होगा कि साइंस के घोड़े को कैसे काबू किया जाए क्योकि समय की जरूरत भी है और हमे आत्मनिर्भर भी बनना है कई दिनों तक चर्चा रहेगी पक्ष और विपक्ष में लेकिन हमें खुद आत्मचिंतन करना है कितना क्या जरूरी है एकांत योग खेल कला संगीत शिक्षा व स्वस्थ पर इसका प्रभाव न पड़े …हर सिक्के का दूसरा पहलू भी है
लेकिन पहला पहलू हमारे सामने है वरदान ओर अभिशाप सोचना हमने ही है क्योंकि मोबाइल हमारे हाथ मे है
ज़िन्दगी ज़िंदाबाद
Sanjiv shaad


