तेरे सत्कार का
मेरे अपमान का
तेरे दिन का
मेरी रात का
तेरी नीद का
मेरे ख्बाब का
तेरे हुक्म का
मेरे तालीम का
तेरे पाप का
मेरे संताप का
तेरे नाख़ून का
मेरे मास का
तेरे दिमाग का
मेरे दिल का
तेरे दर्द का
मेरे हमदर्द का
तेरे सवाल का
मेरे जबाव का
तेरी औकात का
मेरे जज्बात का
तेरे अँधेरे का
मेरे प्रकाश का
तेरे शब्दों का
मेरे अर्थो का
तेरे ईमान का
मेरे भगवान का
तेरे जहर का
मेरे अमृत का
तेरे मखोटे का
मेरे चेहरे का
तेरे धर्म का
मेरे कर्म का
तेरे भविष्य का
मेरे वर्तमान का
तेरे बसन्त का
मेरे पतझड़ का
तेरे रंगो का
मेरे उमंगो का
तेरे आगाज का
मेरे अंजाम का………….
शायद इक ये ही कहानी है उसके और मेरे बीच जो आज भी कभी -2 फुर्सत में अपना अपना हिसाब किताब लेकर आमने सामने तू तू मैं मैं करते है
वो शब्दों का शोर मचा कर जीत जाता है और मैं अर्थ बन कर हार जाता हूँ… हमेशा की तरह
2 Comments
तू -तू-मैं.-मैं………
तेरे सत्कार का
मेरे अपमान का
तेरे दिन का
मेरी रात का
तेरी नीद का
मेरे ख्बाब का
तेरे हुक्म का
मेरे तालीम का
तेरे पाप का
मेरे संताप का
तेरे नाख़ून का
मेरे मास का
तेरे दिमाग का
मेरे दिल का
तेरे दर्द का
मेरे हमदर्द का
तेरे सवाल का
मेरे जबाव का
तेरी औकात का
मेरे जज्बात का
तेरे अँधेरे का
मेरे प्रकाश का
तेरे शब्दों का
मेरे अर्थो का
तेरे ईमान का
मेरे भगवान का
तेरे जहर का
मेरे अमृत का
तेरे मखोटे का
मेरे चेहरे का
तेरे धर्म का
मेरे कर्म का
तेरे भविष्य का
मेरे वर्तमान का
तेरे बसन्त का
मेरे पतझड़ का
तेरे रंगो का
मेरे उमंगो का
तेरे आगाज का
मेरे अंजाम का………….
शायद इक ये ही कहानी है उसके और मेरे बीच जो आज भी कभी -2 फुर्सत में अपना अपना हिसाब किताब लेकर आमने सामने तू तू मैं मैं करते है
वो शब्दों का शोर मचा कर जीत जाता है और मैं अर्थ बन कर हार जाता हूँ… हमेशा की तरह
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Unknown
July 26, 2015 at 3:31 am
behad sunder….(Y)
Unknown
July 26, 2015 at 3:31 am
behad sunder….(Y)