Home updates भगत सिंह

भगत सिंह

2 second read
0
0
2

उस माँ
को मेरा प्रणाम जिसने उसे
भाग्य वाला कहा था
और जन्म दिया
जो
छोटी सी उम्र
में वो  कितना कुछ पढ़  गया
कितना कुछ लिख गया
कितना कुछ सीखा गया
बचपन में हथियार बोहने वाले बच्चे ने कितने बड़े विचार को जन्म दिया
वो मौत से पहले
किताब पढ़ रहा था
फिर पन्ना मोड़ा और चल दिया
आजादी का दीवाना
इससे बड़ी आजादी क्या होगी
मोक्ष क्या होगा
मौत मर गई
जीवन ज़िंदा हो गया …..…क्योकि
साँस लेने और जीवन जीने में कोई अंतर तो होता ही है
जिंदाबाद जिंदाबाद उसका इंकलाब
23 मार्च
वो पल है
जब इक वक्त ने जन्म लिया है
जो कभी गुजरे गा नही
हमारे हाथो में हमारी यादो में
हमारा मार्गदर्शन
बन कर
और हमेशा जवान
रहेगा
क्योकि वो जिन्दा है जिन्दा था और जिन्दा ही रहेगा
आओ उस खुली किताब को
पढ़े समझे
उस किताब का नाम है
भगत सिंह ………….. 
(राजगुरु सुखदेव भगत सिंह  ज़िंदाबाद )

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

खेलकूद से पैदा होती है अनुशासन की भावना: डा. संदीप गोयल

जीएनसी सिरसा में नैशनल स्पोर्ट्स डे पर हुआ आयोजन सिरसा: 29 अगस्त: व्यक्तित्व के सर्वांगीण …