कहानी एक फनकार की एक ऐसा फनकार कलाकार जो आज बड़े उत्सव की जरूरत बन गया जिसकी गायन शैली मरहूम लोक गायक जनाब कुलदीप मानक जी की याद ताजा करवाती है अंतरराष्ट्रीय फेस्टीबल में जनाब मुरली राजस्थानी की आवाज कानो में पड़ती है तो दर्शक मंच की तरफ दोड़पडते है और पुरानी यादों में खो जाते है आओ करे एक बात मुरली राजस्थनी से…
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