मनुष्य के जीवन में निराशा और हताशा का एक बड़ा कारण उसकी अधूरी इच्छाएँ होती हैं। हम जैसा चाहते हैं, जब वैसा नहीं होता तो मन बेचैन होने लगता है। किसी काम में देर हो जाए, कोई अवसर हाथ से निकल जाए, किसी व्यक्ति से अपेक्षित व्यवहार न मिले या मेहनत के बावजूद परिणाम मन के अनुसार न आए, हम …

